उपराज्यपाल सक्सेना ने पिप्रहवा अवशेषों का किया स्वागत

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को लेह में गौतम बुद्ध के पवित्र पिप्रहवा अवशेषों का औपचारिक स्वागत किया — यह अवशेष भारत की बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

गौतम बुद्ध के पवित्र पिप्रहवा अवशेषों को 29 अप्रैल 2026 को लेह पहुँचने के बाद सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया — बौद्ध श्रद्धालुओं और आस्थावानों को इन पवित्र अवशेषों के दर्शन का अवसर मिला।

बौद्ध भिक्षुओं ने 29 अप्रैल 2026 को लेह में गौतम बुद्ध के पवित्र पिप्रहवा अवशेषों को लेकर एक भव्य धार्मिक जुलूस निकाला — यह समारोह बौद्ध परंपरा के अनुसार किया गया।

बौद्ध समुदाय के सदस्यों ने लेह की सड़कों पर गौतम बुद्ध के अवशेषों को लेकर एक पारंपरिक धार्मिक परेड निकाली — यह आयोजन बौद्ध धर्म के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक है।

बौद्ध धर्म के भिक्षुओं ने पिप्रहवा अवशेषों को लेकर एक विधिवत धार्मिक समारोह का आयोजन किया — इसमें प्राचीन बौद्ध परंपराओं का पालन किया गया और गौतम बुद्ध को सम्मान दिया गया।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 29 अप्रैल 2026 को लेह में गौतम बुद्ध के महत्वपूर्ण पिप्रहवा अवशेषों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया — यह क्षेत्र की बौद्ध विरासत को मजबूत करने का एक प्रमुख कदम है।

लद्दाख प्रशासन के शीर्ष अधिकारी विनय कुमार सक्सेना ने 29 अप्रैल 2026 को एक बौद्ध धार्मिक समारोह में सक्रिय भूमिका निभाई — यह भारत की धार्मिक विरासत के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बौद्ध भिक्षुओं की एक समर्पित टीम ने लेह में गौतम बुद्ध के पिप्रहवा अवशेषों को लेकर एक विस्तृत धार्मिक यात्रा का आयोजन किया — बौद्ध परंपरा के अनुरूप सभी अनुष्ठान संपन्न किए गए।

गौतम बुद्ध के पवित्र पिप्रहवा अवशेषों को 29 अप्रैल 2026 को लेह में जनता के लिए प्रदर्शित किया गया — लाखों बौद्ध श्रद्धालुओं को इन पवित्र वस्तुओं के दर्शन का सुयोग मिला।

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