लू की चपेट में मुंबई — वर्सोवा बीच बना रैन बसेरा
मुंबई में 19 जून 2026 की तड़के भीषण लू के बीच आसपास की झुग्गी बस्तियों के निवासी वर्सोवा बीच पर सोने को मजबूर हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
मुंबई में 19 जून 2026 की तड़के भीषण लू के बीच आसपास की झुग्गी बस्तियों के निवासी वर्सोवा बीच पर सोने को मजबूर हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जून 2026 की भीषण गर्मी के कारण वर्सोवा बीच के निकटवर्ती झुग्गी क्षेत्रों के लोग रात को समुद्र तट पर सोने को विवश हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
19 जून 2026 की सुबह मुंबई, महाराष्ट्र में तीव्र लू के थपेड़ों के बीच वर्सोवा बीच के पास की झुग्गी बस्तियों के निवासी रात भर समुद्र तट पर सोते नज़र आए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
तीव्र लू के कारण मुंबई की झुग्गी बस्तियों में रहने की स्थिति असहनीय हो गई है, जिससे निवासी वर्सोवा बीच पर खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारने को मजबूर हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)
महाराष्ट्र में जून 2026 की गर्मी के प्रकोप के बीच मुंबई के वर्सोवा बीच के आसपास की झुग्गी बस्तियों के लोग समुद्री हवा में राहत पाने के लिए रात को बीच पर सोने को मजबूर हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)