सावन में कांवड़ियों का पड़ाव — भगवान शिव पार्वती की प्रतिमा के साथ विश्राम

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को सावन मास की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िये सड़क किनारे विश्राम करते दिखे — उनके साथ भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा कुर्सी पर विराजमान थी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 को सावन की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रॉफ़ियों और मेडल से सुसज्जित एक कांवड़ को मोटरसाइकिल पर आरोहित कर यात्रा निकाली गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन 2026 की कांवड़ यात्रा में एक और श्रद्धालु ने ट्रॉफ़ियों व मेडल से अलंकृत कांवड़ को मोटरसाइकिल पर सवार कर यात्रा पूरी की — यह भक्ति और आधुनिकता का अनूठा संगम है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 को सावन माह की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िये सड़क किनारे विश्राम करते नज़र आए — लंबी पदयात्रा के बीच यह पड़ाव भक्तों की थकान मिटाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन मास की वार्षिक कांवड़ यात्रा (मंगलवार, 4 अगस्त 2026) के दौरान एक कांवड़िया सुसज्जित कांवड़ कंधे पर उठाए श्रद्धा के साथ आगे बढ़ता दिखा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन 2026 की कांवड़ यात्रा में नई दिल्ली के एक कांवड़िये ने अलंकृत कांवड़ कंधे पर उठाकर भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था का प्रदर्शन किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 को सावन की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान सुसज्जित कांवड़ें सड़क किनारे क़तार में रखी गईं — यात्रा के पड़ाव पर यह दृश्य श्रद्धा और उत्सव दोनों का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन माह 2026 में नई दिल्ली की सड़कों पर कांवड़ यात्रा के दौरान रंग बिरंगी सजी धजी कांवड़ें विश्राम स्थलों पर रखी गईं — श्रद्धालुओं की भक्ति का यह नज़ारा हर वर्ष लाखों लोगों को आकर्षित करता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 को सावन की वार्षिक कांवड़ यात्रा में कांवड़ियों के समूह ने सुसज्जित कांवड़ें उठाकर यात्रा जारी रखी — सामूहिक भक्ति का यह दृश्य इस तीर्थयात्रा की पहचान है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन 2026 में नई दिल्ली की सड़कों पर कांवड़ियों का एक और जत्था अलंकृत कांवड़ें लेकर आगे बढ़ा — भगवान शिव के जलाभिषेक की तैयारी में निकले ये श्रद्धालु सावन की पवित्रता का प्रतीक हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन माह (अगस्त 2026) की कांवड़ यात्रा में कांवड़िये सजी धजी कांवड़ें कंधों पर उठाए भगवान शिव की आराधना में लीन दिखे — यह वार्षिक तीर्थयात्रा हिंदू आस्था का महत्त्वपूर्ण पर्व है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में सावन की वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों ने अलंकृत कांवड़ें कंधे पर उठाकर यात्रा की — गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन मास 2026 की कांवड़ यात्रा के दौरान एक कांवड़िया अपनी सुसज्जित कांवड़ कंधे पर संभाले पवित्र यात्रा पर निकला — यह तीर्थयात्रा भगवान शिव के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन 2026 में नई दिल्ली की कांवड़ यात्रा में एक कांवड़िये ने रंग बिरंगी अलंकृत कांवड़ उठाकर यात्रा की — इस पवित्र माह में लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन मास (अगस्त 2026) की कांवड़ यात्रा में एक कांवड़िया सुसज्जित कांवड़ लेकर भगवान शिव के मंदिर की ओर बढ़ा — गंगाजल से जलाभिषेक इस यात्रा की परिणति है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन 2026 की कांवड़ यात्रा में नई दिल्ली के एक कांवड़िये ने अलंकृत कांवड़ कंधे पर उठाकर अपनी आस्था और समर्पण का परिचय दिया — यह वार्षिक तीर्थयात्रा भगवान शिव के भक्तों के लिए सबसे पवित्र अनुष्ठानों में से एक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को श्रावण मास की कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी रही — कांवड़िये सजी धजी कांवड़ें कंधे पर उठाए शिव की आराधना में निकले। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सावन माह 2026 में नई दिल्ली की सड़कें कांवड़ियों से भरी रहीं — अलंकृत कांवड़ें उठाए ये श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पवित्र सफ़र पर निकले। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली में सावन 2026 की कांवड़ यात्रा में एक कांवड़िये ने अपनी सुसज्जित कांवड़ के साथ इस पवित्र तीर्थयात्रा का हिस्सा बनकर भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति अर्पित की — यह यात्रा हर वर्ष लाखों हिंदू श्रद्धालुओं को एकजुट करती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

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