वैशाख पूर्णिमा पर इंडिया गेट में चाँद की रोशनी

नई दिल्ली: 1 मई 2026 को शुक्रवार की रात कार्तव्य पथ पर 'फूलों की पूर्णिमा' (फ्लावर मून) के नाम से जानी जाने वाली पूर्ण चाँद आकाश को रोशन करती दिखी — यह वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा है, जो गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण को चिह्नित करती है।

इंडिया गेट के ऊपर आसमान में 'फूलों की पूर्णिमा' के नाम से विख्यात पूर्ण चाँद चमकता दिखा — यह खगोलीय घटना बुद्ध पूर्णिमा के साथ मेल खाती है, जो भगवान बुद्ध के तीन महान घटनाओं — जन्म, बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण — को स्मरण करती है।

वैशाख पूर्णिमा की पवित्र रात में नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आकाश में चमकता 'फूलों की पूर्णिमा' — यह खगोलीय दृश्य गौतम बुद्ध के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण तीन क्षणों का प्रतीक है, जो सभी बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माने जाते हैं।

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित इंडिया गेट के ऊपर 1 मई 2026 की रात को 'फूलों की पूर्णिमा' नाम की पूर्ण चाँद की घटना देखी गई — यह बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा का दिन है, जब गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

शुक्रवार 1 मई 2026 की रात को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आकाश में चमकती 'फूलों की पूर्णिमा' — यह अद्भुत खगोलीय दृश्य वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देखा गया, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण को चिह्नित करता है।

'फूलों की पूर्णिमा' नाम की पूर्ण चाँद की घटना 1 मई 2026 को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आकाश को प्रकाशित करती दिखी — यह बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा की पवित्र रात थी, जो गौतम बुद्ध के तीन महान घटनाक्रम — जन्म, बोधि, और निर्वाण — को याद करती है।

नई दिल्ली के प्रसिद्ध इंडिया गेट के आसमान में 'फूलों की पूर्णिमा' नामक पूर्ण चाँद की खूबसूरत रोशनी दिखाई दी — यह बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा का दिन था, जब गौतम बुद्ध का जन्म हुआ, उन्हें बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई और उनका महापरिनिर्वाण हुआ।

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