कमानी सभागार में इलेशा सिंह का एकल कुचिपुड़ी अभिनय
इलेशा सिंह ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कमानी सभागार में कुचिपुड़ी की शास्त्रीय परंपरा में अपना रंगप्रवेशम — यानी पहला एकल मंच प्रदर्शन — प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
इलेशा सिंह ने 1 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के कमानी सभागार में कुचिपुड़ी की शास्त्रीय परंपरा में अपना रंगप्रवेशम — यानी पहला एकल मंच प्रदर्शन — प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
रंगप्रवेशम भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा में वह औपचारिक अवसर होता है जब एक शिष्य पहली बार एकल मंच पर उतरता है। इलेशा सिंह ने यह ऐतिहासिक क्षण कमानी सभागार, नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को जिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
इलेशा सिंह पद्म भूषण से सम्मानित राजा रेड्डी और राधा रेड्डी तथा कौशल्या रेड्डी की शिष्या हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार होकर इलेशा ने कुचिपुड़ी की गहन परंपरा को नई दिल्ली के मंच पर साकार किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
1 अगस्त 2026 को शनिवार की सांस्कृतिक संध्या में कमानी सभागार, नई दिल्ली में कुचिपुड़ी रंगप्रवेशम का आयोजन हुआ — यह कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव बना। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश की प्राचीन शास्त्रीय नृत्य शैली है, जिसे संगीत नाटक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त है। इलेशा सिंह के रंगप्रवेशम ने इस परंपरा को नई दिल्ली के दर्शकों के सामने नए सिरे से प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)
इलेशा सिंह का यह रंगप्रवेशम नई पीढ़ी द्वारा शास्त्रीय नृत्य की साधना को जीवित रखने का प्रतीक है। कमानी सभागार, नई दिल्ली में 1 अगस्त 2026 को संपन्न इस कार्यक्रम ने कुचिपुड़ी की समृद्ध परंपरा को नई ऊर्जा दी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)