नमो ग्रीन रेल: हाइड्रोजन स्टोरेज सिलिंडर का क्लोज़ अप

नई दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 18 जुलाई 2026 को आयोजित मीडिया प्रीव्यू में भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन 'नमो ग्रीन रेल' के भीतर लगे हाइड्रोजन स्टोरेज सिलिंडर दिखाई दिए। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है और शून्य उत्सर्जन (zero emission) श्रेणी में आती है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल में हाइड्रोजन फ्यूल सेल के साथ साथ बैटरी स्टैक भी स्थापित किया गया है, जो ऊर्जा संग्रहण और वितरण को संतुलित करता है। यह तकनीकी संयोजन ट्रेन को शून्य उत्सर्जन के साथ स्थिर परिचालन देता है। 18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती में मीडिया प्रीव्यू के दौरान यह विवरण सामने आया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

स्वदेशी रूप से विकसित नमो ग्रीन रेल में हाइड्रोजन फ्यूल सेल और बैटरी स्टैक का दोहरा ऊर्जा तंत्र लगाया गया है। यह प्रणाली ट्रेन को बिना किसी कार्बन उत्सर्जन के चलाती है — भारतीय रेल के हरित भविष्य की दिशा में एक अहम तकनीकी कदम। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के निचले हिस्से में लगे तकनीकी उपकरण इस ट्रेन की स्वदेशी इंजीनियरिंग का प्रमाण हैं। 18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर आयोजित मीडिया प्रीव्यू में इन उपकरणों को पहली बार मीडिया के सामने प्रदर्शित किया गया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल का ड्राइवर कैब और कंट्रोल कंसोल आधुनिक डिजिटल इंटरफेस से लैस है। 18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती में हुए मीडिया प्रीव्यू में यह कैब पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई गई — यह भारत की पहली हाइड्रोजन यात्री ट्रेन के परिचालन केंद्र की झलक है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच का आंतरिक भाग आधुनिक और सुविधाजनक डिज़ाइन के साथ तैयार किया गया है। 18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर मीडिया प्रीव्यू के दौरान यह इंटीरियर पहली बार दर्शाया गया। यह ट्रेन हरित एवं टिकाऊ रेल परिवहन की दिशा में भारत का अहम कदम है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

स्वदेशी तकनीक से निर्मित नमो ग्रीन रेल के कोच के भीतर यात्रियों के लिए आरामदायक सीटिंग व्यवस्था की गई है। शकूरबस्ती में हुए मीडिया प्रीव्यू में इस इंटीरियर की दूसरी झलक सामने आई — यह ट्रेन जींद, हरियाणा से रवाना होने के बाद नई दिल्ली पहुँची। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री डिब्बे की यह तीसरी झलक ट्रेन के समग्र डिज़ाइन दर्शन को उजागर करती है — स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक सुविधा और स्वदेशी निर्माण का संयोजन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को 17 जुलाई 2026 को जींद, हरियाणा से हरी झंडी दिखाई थी। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर हुए मीडिया प्रीव्यू में नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच के इंटीरियर की चौथी झलक प्रस्तुत की गई। हाइड्रोजन फ्यूल सेल चालित यह ट्रेन भारतीय रेल के नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में एक ठोस पहल है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की पाँचवीं झलक — यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से संचालित है और परिचालन के दौरान कोई प्रदूषणकारी गैस नहीं छोड़ती। शकूरबस्ती प्रीव्यू में यात्री अनुभव की बारीकियाँ सामने आईं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के कोच का यह दृश्य भारतीय रेल की स्वच्छ और टिकाऊ गतिशीलता (sustainable mobility) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जींद से हरी झंडी दिखाए जाने के अगले दिन यह ट्रेन शकूरबस्ती में प्रदर्शित की गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

स्वदेशी रूप से विकसित नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की सातवीं झलक — यह ट्रेन भारत में हरित रेल क्रांति का प्रतीक बन रही है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित यह ट्रेन डीज़ल और बिजली दोनों पर निर्भरता कम करने में सक्षम है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की आठवीं झलक में ट्रेन की आंतरिक साज सज्जा और यात्री अनुकूल डिज़ाइन स्पष्ट दिखता है। यह ट्रेन जींद सोनीपत मार्ग पर परिचालित की गई है और भारतीय रेल के हरित परिवर्तन का अग्रदूत मानी जा रही है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारत की पहली हाइड्रोजन यात्री ट्रेन नमो ग्रीन रेल के कोच की नौवीं झलक — यह ट्रेन शून्य उत्सर्जन के साथ साथ शोर प्रदूषण भी कम करती है, जो पारंपरिक डीज़ल ट्रेनों की तुलना में एक बड़ा पर्यावरणीय लाभ है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की दसवीं झलक — स्वदेशी तकनीक से निर्मित इस ट्रेन का हर पहलू भारत की 'मेक इन इंडिया' रेल क्षमता को प्रदर्शित करता है। 18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती में मीडिया को इस ट्रेन की विस्तृत झलक दी गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की ग्यारहवीं झलक — यह ट्रेन भारतीय रेल के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसमें 2030 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा गया है। शकूरबस्ती प्रीव्यू ने इस लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम प्रदर्शित किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की बारहवीं झलक — हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक आधारित यह ट्रेन जींद सोनीपत मार्ग पर सेवा में आई है और भविष्य में अन्य मार्गों पर भी विस्तार की संभावना है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन नमो ग्रीन रेल के कोच की तेरहवीं झलक — इस ट्रेन की सफलता भारत को वैश्विक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेल के यात्री कोच की चौदहवीं झलक — हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, और उप उत्पाद के रूप में केवल जल वाष्प निकलती है — कोई हानिकारक गैस नहीं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन 'नमो ग्रीन रेल'18 जुलाई 2026 को शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली में मीडिया प्रीव्यू के दौरान। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित यह शून्य उत्सर्जन ट्रेन स्वच्छ और टिकाऊ रेल गतिशीलता की दिशा में एक बड़ा कदम है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती में मीडिया प्रीव्यू की दूसरी झलक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को 17 जुलाई 2026 को जींद, हरियाणा से हरी झंडी दिखाई — यह भारतीय रेल इतिहास में हाइड्रोजन संचालित यात्री ट्रेन की पहली शुरुआत है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती प्रीव्यू की तीसरी झलक। यह ट्रेन भारत में हरित गतिशीलता (green mobility) के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जहाँ रेल परिवहन को जीवाश्म ईंधन से मुक्त किया जा रहा है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती मीडिया प्रीव्यू की चौथी झलक। स्वदेशी तकनीक से विकसित यह ट्रेन भारत की उस क्षमता को सिद्ध करती है जो अत्याधुनिक स्वच्छ ऊर्जा परिवहन को देश में ही डिज़ाइन और निर्मित कर सकती है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती प्रीव्यू की पाँचवीं झलक। यह ट्रेन भारतीय रेल के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसमें परिचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए हाइड्रोजन, सौर और पवन ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती मीडिया प्रीव्यू की छठी झलक। यह ट्रेन अन्य देशों जैसे जर्मनी और जापान में चल रही हाइड्रोजन ट्रेन परियोजनाओं की श्रेणी में भारत को शामिल करती है — एक वैश्विक हरित रेल आंदोलन का हिस्सा। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती प्रीव्यू की सातवीं झलक। भारतीय रेल विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, और नमो ग्रीन रेल जैसी परियोजनाएँ इस विशाल नेटवर्क को क्रमशः हरित बनाने की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम हैं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती मीडिया प्रीव्यू की आठवीं झलक। इस ट्रेन की सफल शुरुआत भारत के राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन को ज़मीनी स्तर पर साकार होते दिखाती है — जहाँ हाइड्रोजन केवल नीति दस्तावेज़ से निकलकर पटरी पर दौड़ रही है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती प्रीव्यू की नौवीं झलक। 17 जुलाई 2026 को जींद, हरियाणा से हरी झंडी मिलने के बाद यह ट्रेन अगले दिन नई दिल्ली पहुँची, जहाँ मीडिया को इसकी तकनीकी बारीकियाँ दिखाई गईं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती मीडिया प्रीव्यू की दसवीं झलक। यह ट्रेन भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की उस यात्रा का प्रतीक है जिसमें देश अपनी ज़रूरतों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित कर रहा है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती प्रीव्यू की ग्यारहवीं झलक। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं (climate commitments) को पूरा करने में रेल क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करती है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

नमो ग्रीन रेलशकूरबस्ती मीडिया प्रीव्यू की अंतिम झलक। भारत की पहली हाइड्रोजन यात्री ट्रेन का यह सफल प्रदर्शन देश के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है — स्वच्छ, हरित और स्वदेशी रेल परिवहन के युग की शुरुआत। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

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