शोभायात्रा में उमड़ा आदिवासी संस्कृति का सैलाब

जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में कलाकारों और प्रतिभागियों ने 24 मई 2026 (रविवार) को रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक मार्च किया, जिसमें भारत की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

सैकड़ों आदिवासी कलाकारों और प्रतिभागियों ने रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक शोभायात्रा में भाग लिया, जिसमें विभिन्न जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य और लोककलाएँ प्रदर्शित की गईं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

24 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में कलाकारों ने भारत के विभिन्न आदिवासी समुदायों की अनूठी परंपराओं और लोककलाओं को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

लाल किला मैदान में शोभायात्रा के समापन पर जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी, जो नई दिल्ली में 24 मई 2026 को आयोजित इस विशेष समागम का केंद्रबिंदु रही। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद बाँसुरी स्वराज ने 24 मई 2026 को रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक आयोजित जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में कलाकारों और प्रतिभागियों के साथ हिस्सा लिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

BJP सांसद बाँसुरी स्वराज के नेतृत्व में कलाकारों और प्रतिभागियों ने जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक मार्च किया और आदिवासी परंपराओं को जनमानस के सामने रखा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में कलाकारों ने नई दिल्ली में 24 मई 2026 को भारत की विविध जनजातीय विरासत की रंगारंग झाँकी प्रस्तुत की — पारंपरिक वेशभूषा, आभूषण और लोकनृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

भारत के विभिन्न राज्यों के जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि 24 मई 2026 को नई दिल्ली में एकत्रित हुए और रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक शोभायात्रा में अपनी अपनी सांस्कृतिक पहचान को गर्व के साथ प्रदर्शित किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

रविवार, 24 मई 2026 को रामलीला मैदान से प्रारंभ हुई जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में कलाकारों ने ढोल नगाड़ों की थाप पर आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए लाल किला मैदान तक का सफ़र तय किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

जनजातीय संस्कृति समागम में नई दिल्ली के रामलीला मैदान पर बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े, जिन्होंने 24 मई 2026 को आदिवासी कलाकारों की प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा और आभूषणों से सुसज्जित कलाकारों ने जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा में भाग लेकर नई दिल्ली की सड़कों पर 24 मई 2026 को भारत की जनजातीय विरासत को जीवंत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा ने 24 मई 2026 को नई दिल्ली में एकता और विविधता का संदेश दिया — देशभर के आदिवासी समुदायों ने एक साझा मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान को सम्मान के साथ प्रस्तुत किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

लाल किला मैदान पर जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा का भव्य समापन हुआ, जहाँ 24 मई 2026 को नई दिल्ली में कलाकारों और प्रतिभागियों ने अपनी आदिवासी परंपराओं का अंतिम और यादगार प्रदर्शन किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

फ़ोटोग्राफ़र दीपक कुमार ने 24 मई 2026 को नई दिल्ली में जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा की अमिट छवियाँ अपने कैमरे में क़ैद कीं — राष्ट्र प्रेस के लिए यह कवरेज भारत की आदिवासी विरासत का दस्तावेज़ीकरण है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

जनजातीय संस्कृति समागम शोभायात्रा ने 24 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की समृद्ध आदिवासी धरोहर को सम्मान दिया — रामलीला मैदान से लाल किला मैदान तक का यह सफ़र देश की जनजातीय संस्कृति की विविधता और गौरव का प्रतीक बना। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/दीपक कुमार)

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