मौलाना आज़ाद रोड पर मज़दूरों की भोर
नई दिल्ली के मौलाना आज़ाद रोड स्थित उपराष्ट्रपति के पुराने आधिकारिक आवास पर 27 अगस्त 2026 की सुबह मज़दूर अपने परिवारों की रोज़ी रोटी कमाने के लिए काम पर निकलते दिखे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)
नई दिल्ली के मौलाना आज़ाद रोड स्थित उपराष्ट्रपति के पुराने आधिकारिक आवास पर 27 अगस्त 2026 की सुबह मज़दूर अपने परिवारों की रोज़ी रोटी कमाने के लिए काम पर निकलते दिखे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)
दिहाड़ी मज़दूर हर सुबह नई दिल्ली के मौलाना आज़ाद रोड पर काम की तलाश में जुटते हैं — परिवार का पेट पालने के लिए यही उनकी दिनचर्या है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)
उपराष्ट्रपति के पुराने आधिकारिक आवास, मौलाना आज़ाद रोड, नई दिल्ली पर 27 अगस्त 2026 को सुबह श्रमिक काम पर पहुँचते दिखे — यह दृश्य राजधानी के दिहाड़ी मज़दूरों के रोज़ाना संघर्ष को दर्शाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)
27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में मौलाना आज़ाद रोड पर सुबह के वक़्त मज़दूर अपने परिवारों के लिए रोज़ी कमाने हेतु उपराष्ट्रपति के पुराने आवास की ओर निकलते नज़र आए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)
नई दिल्ली के मौलाना आज़ाद रोड पर स्थित उपराष्ट्रपति के पुराने आधिकारिक आवास के पास हर सुबह दिहाड़ी मज़दूर जुटते हैं — यह राजधानी की उस अनदेखी मेहनतकश आबादी की कहानी है जो रोज़ाना काम की तलाश में निकलती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/प्रेम नाथ पांडे)