राजघाट पर जलवायु आंदोलन की शुरुआत

नई दिल्ली: एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के सदस्य 13 मई 2026 को राजघाट पर 'भारत जलवायु सत्याग्रह यात्रा' के शुभारंभ के दौरान — यह 100 दिनों की राष्ट्रव्यापी जलवायु आंदोलन है जिसका नेतृत्व जलवायु विशेषज्ञ और 'भारत के सौर मानव' प्रो. चेतन सिंह सोलंकी कर रहे हैं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/वसीम सरवर)

प्रो. चेतन सिंह सोलंकी, जिन्हें 'भारत के सौर मानव' के नाम से जाना जाता है, ने नई दिल्ली से 100 दिनों की राष्ट्रव्यापी जलवायु यात्रा का नेतृत्व किया — यह सत्याग्रह-शैली का आंदोलन स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के सदस्यों ने 13 मई 2026 को नई दिल्ली में 'भारत जलवायु सत्याग्रह यात्रा' शुरू की — यह जलवायु कार्रवाई के लिए एक जमीनी स्तर का आंदोलन है जो पूरे भारत में जागरूकता और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगा।

जलवायु विशेषज्ञ प्रो. चेतन सिंह सोलंकी द्वारा संचालित यह सत्याग्रह-आधारित जलवायु आंदोलन भारत को पर्यावरणीय स्थिरता की ओर ले जाने का एक प्रतीकात्मक कदम है — राजघाट से शुरू होकर यह यात्रा 100 दिनों तक चलेगी और जनता को जुड़ने के लिए आमंत्रित करेगी।

'भारत जलवायु सत्याग्रह यात्रा' एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और जलवायु न्याय के लिए जनता को संगठित करती है — इसका नेतृत्व सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी प्रो. सोलंकी कर रहे हैं जो भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्रांति के प्रतीक हैं।

यह आंदोलन भारत के सभी राज्यों में जलवायु जागरूकता फैलाने का प्रयास करेगा — एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के नेतृत्व में 13 मई 2026 से शुरू होकर, यह पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा स्वतंत्रता के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

100 दिनों की यह यात्रा नई दिल्ली के राजघाट से शुरू हुई, जहाँ महात्मा गांधी ने अपना स्वतंत्रता संग्राम चलाया था — इसी प्रतीकवाद के साथ प्रो. सोलंकी भारत को जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध एक अहिंसक, जन-केंद्रित आंदोलन की ओर ले जा रहे हैं।

प्रो. चेतन सिंह सोलंकी, जो भारत में सौर ऊर्जा अनुसंधान के अग्रदूत हैं, ने 'भारत जलवायु सत्याग्रह यात्रा' के माध्यम से जलवायु कार्रवाई को जनता के साथ जोड़ने की एक अभूतपूर्व पहल की है — यह 13 मई 2026 को नई दिल्ली से शुरू हुई।

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