यमुना के किनारे खड़ा एक छोटा मंदिर

नई दिल्ली: 30 अप्रैल 2026 को दोपहर की तेज़ गर्मी में यमुना नदी के किनारे एक छोटा-सा धार्मिक मंदिर खड़ा है, जहाँ श्रद्धालु अपनी प्रार्थनाएँ करते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: एक व्यक्ति 30 अप्रैल 2026 को यमुना नदी के जल में खड़े होकर सूर्य देव को प्रणाम कर रहा है — गर्मी की तीव्रता के बावजूद प्राचीन सूर्य पूजा की परंपरा जारी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: एक भक्त यमुना नदी के पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य अर्घ्य (सूर्य को जल का अर्पण) कर रहा है — 30 अप्रैल 2026 की तपती दोपहर में भी यह हज़ारों साल पुरानी परंपरा जीवंत रहती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: यमुना नदी के किनारे कई नावें बँधी हुई हैं — 30 अप्रैल 2026 की तपती गर्मी में भी नाविक और मछुआरे अपना काम-धंधा जारी रखते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: यमुना नदी पर बँधी हुई नावें स्थानीय समुदाय के आजीविका का मुख्य साधन हैं — 30 अप्रैल 2026 की भीषण गर्मी के दिन भी ये नावें किनारे पर अपनी सेवा के लिए तैयार खड़ी हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: 30 अप्रैल 2026 को दिल्ली में जहाँ तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पास पहुँच गया है, वहीं यमुना नदी के किनारे नावें शांत पड़ी हैं — गर्मी की लहर के बीच भी जल संसाधन पर निर्भर जीवन चलता रहता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

नई दिल्ली: 30 अप्रैल 2026 को एक मेट्रो ट्रेन यमुना नदी के ऊपर बने पुल से गुज़र रही है — आधुनिक परिवहन व्यवस्था और प्राचीन नदी का यह दृश्य दिल्ली के विकास और परंपरा के बीच संतुलन को दर्शाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिबतैन)

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