जंतर मंतर पर बंदर मास्क पहनकर PETA इंडिया का अनोखा विरोध

PETA इंडिया के एक सदस्य ने 5 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल बंदर मास्क और PPE किट पहनकर प्रदर्शन किया — यह विरोध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत रीसस मकाक (Macaca mulatta) को मिले संरक्षण हटाए जाने के ख़िलाफ़ था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

प्रदर्शनकारी PETA इंडिया सदस्य ने जंतर मंतर पर PPE किट के साथ विशाल बंदर मास्क पहनकर माँग की कि रीसस मकाक को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की सुरक्षा सूची से बाहर न किया जाए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

PETA इंडिया और आश्रय फ़ाउंडेशन के सदस्यों व समर्थकों ने 5 जून 2026 को जंतर मंतर, नई दिल्ली पर विशाल बंदर मास्क और PPE किट पहनकर एकजुट प्रदर्शन किया — माँग थी कि रीसस मकाक की सुरक्षा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में बरक़रार रखी जाए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

आश्रय फ़ाउंडेशन और PETA इंडिया के समर्थकों ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देते हुए सरकार से अपील की कि रीसस मकाक (Macaca mulatta) को 1972 के वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की सुरक्षा सूची में बनाए रखा जाए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

5 जून 2026 — विश्व पर्यावरण दिवस — पर PETA इंडियाआश्रय फ़ाउंडेशन ने जंतर मंतर पर प्रतीकात्मक बंदर मास्क पहनकर यह संदेश दिया कि रीसस मकाक को वन्यजीव क़ानून की छत्रछाया से बाहर करना पर्यावरण संरक्षण के विरुद्ध है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

PETA इंडिया और आश्रय फ़ाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने PPE किट और विशाल बंदर मास्क के ज़रिए प्रतीकात्मक रूप से रीसस मकाक की पीड़ा को उजागर किया और माँग की कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में उनकी सुरक्षा बहाल रखी जाए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर PETA इंडियाआश्रय फ़ाउंडेशन के सदस्यों ने प्रदर्शन कर कहा कि रीसस मकाक को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 से बाहर करना इन प्रजातियों के अस्तित्व के लिए ख़तरनाक क़दम है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

आश्रय फ़ाउंडेशन ने PETA इंडिया के साथ मिलकर सरकार से माँग की कि रीसस मकाक (Macaca mulatta) को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची में संरक्षित प्रजाति के रूप में बनाए रखा जाए — अन्यथा इनके शोषण का रास्ता खुल जाएगा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

PETA इंडिया और आश्रय फ़ाउंडेशन के बड़ी संख्या में सदस्यों और समर्थकों ने जंतर मंतर, नई दिल्ली पर एकत्रित होकर रीसस मकाक के लिए क़ानूनी संरक्षण जारी रखने की माँग को लेकर शुक्रवार को ज़ोरदार प्रदर्शन किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

पशु अधिकार संगठनों के अनुसार, रीसस मकाक (Macaca mulatta) को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 से हटाने से इन बंदरों के व्यावसायिक दोहन और उत्पीड़न का ख़तरा बढ़ सकता है — यही चिंता PETA इंडिया और आश्रय फ़ाउंडेशन के प्रदर्शन की बुनियाद है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

PETA इंडिया और आश्रय फ़ाउंडेशन की यह साझा मुहिम माँग करती है कि सरकार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में किसी भी ऐसे बदलाव से बचे जो रीसस मकाक को क़ानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर करे — जंतर मंतर, नई दिल्ली इस आंदोलन का केंद्र बना। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/Wasim Sarvar)

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