बकरीद के लिए नई दिल्ली के पशु बाज़ार में बकरा

नई दिल्ली के एक पशु बाज़ार में ईद उल अज़हा के लिए 27 मई 2026 को बकरा बिक्री हेतु रखा गया। दुनियाभर के मुस्लिम श्रद्धालु 'क़ुर्बानी के त्योहार' की तैयारी में हैं, जो मक्का की हज यात्रा की परिणति और हज़रत इब्राहीम की आस्था का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

ईद उल अज़हा 2026 की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के पशु बाज़ार में एक और बकरा बिक्री के लिए प्रस्तुत किया गया। यह त्योहार हज़रत इब्राहीम की उस आस्था की याद दिलाता है जब उन्होंने ईश्वर की आज्ञा पर अपने पुत्र की क़ुर्बानी देने की इच्छा जताई थी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली के पशु बाज़ार में 27 मई 2026 को ईद उल अज़हा की तैयारी के बीच बकरा विक्रेता ग्राहकों का इंतज़ार करते दिखे। यह त्योहार हज यात्रा की परिणति का प्रतीक है और दुनियाभर के मुस्लिम समुदाय में उत्साह के साथ मनाया जाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

बकरीद 2026 से पहले नई दिल्ली की पशु मंडी में बकरा व्यापारी ग्राहकों की प्रतीक्षा में बैठे रहे। दुनियाभर के मुसलमान इस 'क़ुर्बानी के त्योहार' को हज़रत इब्राहीम की ईश्वर भक्ति की स्मृति में मनाते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

27 मई 2026 को नई दिल्ली के पशु बाज़ार में ईद उल अज़हा की तैयारियों के बीच बकरा विक्रेता ख़रीदारों का इंतज़ार करते दिखे। यह त्योहार मक्का की हज यात्रा के समापन और हज़रत इब्राहीम की क़ुर्बानी की भावना का उत्सव है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

नई दिल्ली की पशु मंडी में ईद उल अज़हा 2026 के उपलक्ष्य में 27 मई को कई बकरे बिक्री के लिए रखे गए। दुनियाभर के मुस्लिम श्रद्धालु इस 'क़ुर्बानी के त्योहार' की तैयारी में जुटे हैं, जो हज तीर्थयात्रा की परिणति का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

बकरीद 2026 की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के पशु बाज़ार में बकरों की ख़रीद बिक्री ज़ोरों पर रही। यह त्योहार हज़रत इब्राहीम की उस अटूट आस्था की याद में मनाया जाता है जब उन्होंने ईश्वर की आज्ञा पर अपने पुत्र की क़ुर्बानी देने की तत्परता दिखाई थी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

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