राष्ट्रपति मुर्मू, मनोहर लाल खट्टर और न्यायमूर्ति नागरत्ना — NGT सम्मेलन समापन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में उपस्थित रहे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में शामिल हुए। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में एक साथ उपस्थित दिखे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में सम्मिलित हुईं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहभागिता 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया — सम्मेलन का विषय 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' था। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र के दौरान एक साथ दिखे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान उपस्थित रहे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT द्वारा आयोजित सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में भाग लिया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में सम्मिलित हुईं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में उपस्थित रहे। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश बी. वी. नागरत्ना ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन के समापन सत्र में न्यायपालिका का प्रतिनिधित्व किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र के दौरान साथ नज़र आए। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की संयुक्त उपस्थिति 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में देखी गई। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में NGT द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र को संबोधित किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

NGT के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' के समापन सत्र को संबोधित किया। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य' में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समापन सत्र के दौरान उद्बोधन दिया — यह सम्मेलन 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। (फोटो: राष्ट्र प्रेस/क़मर सिब्तैन)

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