PM विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं के साथ सीतारमण
उड़ुपी: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षुओं के साथ भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान (IIGJ) के नए परिसर के उद्घाटन समारोह में बातचीत की।
उड़ुपी: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षुओं के साथ भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान (IIGJ) के नए परिसर के उद्घाटन समारोह में बातचीत की।
उड़ुपी: 28 अप्रैल 2026 को कर्नाटक के उड़ुपी जिले में भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान के नए परिसर के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मौजूद रहीं।
विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं के साथ वित्त मंत्री सीतारमण की बातचीत कौशल विकास और आभूषण निर्माण क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारतीय रत्न एवं आभूषण संस्थान का नया परिसर विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षुओं को आधुनिक सुविधाएँ और उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
उड़ुपी में IIGJ के नए परिसर के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संस्थान की सुविधाओं का अवलोकन किया।
IIGJ के नए परिसर का उद्घाटन भारतीय आभूषण क्षेत्र को मजबूत करने और कुशल कारीगरों का निर्माण करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IIGJ के उद्घाटन समारोह में रत्न एवं आभूषण निर्माण का एक तकनीकी प्रदर्शन देखा।
IIGJ के नए परिसर के उद्घाटन में वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रशिक्षुओं द्वारा आभूषण निर्माण का एक व्यावहारिक प्रदर्शन देखा।
IIGJ का नया परिसर परंपरागत आभूषण निर्माण कला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का प्रयास करता है।
IIGJ के विस्तार से भारत के आभूषण निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और कर्नाटक में नई रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
IIGJ का नया परिसर केंद्र सरकार और कर्नाटक राज्य सरकार के बीच सहयोग का एक सफल उदाहरण है।
IIGJ के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जो आभूषण क्षेत्र के विकास के लिए नई साझेदारी का संकेत है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IIGJ के उद्घाटन समारोह में आभूषण क्षेत्र के महत्व और कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने IIGJ के उद्घाटन में कहा कि आभूषण निर्माण भारत की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक शक्ति दोनों का प्रतीक है।