गंगा के बढ़ते पानी से पटना के निवासी नाव से पलायन को मजबूर

पटना के बाढ़ प्रभावित इलाके के निवासी 24 अगस्त 2026 को मानसून सीज़न में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव के सहारे सुरक्षित स्थान की ओर विस्थापित हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार की राजधानी पटना में मानसून 2026 के दौरान गंगा नदी के उफान से बाढ़ प्रभावित बस्तियों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई, जिससे नागरिकों को नाव के ज़रिये सुरक्षित ठिकानों की तलाश करनी पड़ी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

24 अगस्त 2026 को पटना में गंगा नदी का जलस्तर मानसून सीज़न में तेज़ी से बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग नाव से सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हुए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पटना के बाढ़ प्रभावित इलाकों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच नाव ही एकमात्र परिवहन साधन बन गई, जिससे सोमवार, 24 अगस्त 2026 को परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर निकले। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार में मानसून 2026 के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि से पटना के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है; निवासी नाव के ज़रिये सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

मानसून 2026 में गंगा नदी के उफान ने पटना के बाढ़ प्रभावित इलाकों के सैकड़ों निवासियों को विस्थापित कर दिया; 24 अगस्त को लोग नाव से सुरक्षित ठिकानों की ओर रवाना होते देखे गए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पटना की बाढ़ प्रभावित बस्तियाँ गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जलमग्न हो गई हैं; 24 अगस्त 2026 को निवासी नाव के ज़रिये सुरक्षित स्थानों की तरफ़ निकले और राहत की प्रतीक्षा में हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी का पानी आवासीय इलाकों में घुस गया है; सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मानसून की बाढ़ से प्रभावित लोग नाव के ज़रिये सुरक्षित स्थानों की ओर निकले। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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