नाव छोड़ साइकिल उठाए पटना पहुँचा बाढ़ पीड़ित

21 अगस्त 2026 को पटना में एक व्यक्ति नाव से उतरकर अपनी साइकिल कंधे पर उठाए नक्टा दियारा से पहुँचा, जहाँ उफनती गंगा नदी ने मानसून की बारिश के बीच पूरे इलाक़े को जलमग्न कर दिया था।

पटना में 21 अगस्त 2026 को कई लोग नाव से उतरने के बाद अपनी अपनी साइकिलें उठाए नक्टा दियारा से पहुँचे, जहाँ उफनती गंगा ने मानसूनी बारिश के चलते बस्तियाँ डुबो दी थीं।

पटना में 21 अगस्त 2026 को लोग नाव से उतरकर अपना सामान उठाए नक्टा दियारा से आए — उफनती गंगा नदी ने मानसूनी वर्षा के बीच इस इलाक़े को पूरी तरह जलमग्न कर दिया था।

नक्टा दियारा में उफनती गंगा के पानी ने मानसूनी बारिश के बाद घर खेत सब डुबो दिए, जिससे 21 अगस्त 2026 को बड़ी संख्या में ग्रामीण नाव से उतरकर अपना सामान लेकर पटना पहुँचे।

21 अगस्त 2026 को बिहार के नक्टा दियारा इलाक़े में गंगा नदी के उफान ने सड़क संपर्क पूरी तरह काट दिया — नाव ही एकमात्र सहारा बनी और लोग अपना सामान लेकर पटना पहुँचे।

मानसूनी बारिश से गंगा नदी उफान पर आ गई और नक्टा दियारा का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया; 21 अगस्त 2026 को विस्थापित निवासी नाव से उतरकर अपना सामान लेकर पटना पहुँचे।

21 अगस्त 2026 को पटना में मानसूनी बारिश के बीच लोग उफनती गंगा नदी के पानी से गुज़रते एक खचाखच भरी नाव में सफ़र करते दिखे — बाढ़ की विकरालता का जीवंत दृश्य।

पटना में 21 अगस्त 2026 को नक्टा दियारा के किसान और ग्रामीण अपना सामान उठाए पहुँचे — उफनती गंगा ने मानसूनी बारिश के बाद उनकी फ़सलें और घर दोनों डुबो दिए थे।

नक्टा दियारा में गंगा नदी के उफान ने मानसूनी वर्षा के बाद भारी तबाही मचाई; 21 अगस्त 2026 को किसान और निवासी ज़रूरी सामान समेटकर नाव के ज़रिए पटना पहुँचे।

बिहार में गंगा नदी के उफान से नक्टा दियारा सहित कई इलाक़े जलमग्न हैं; 21 अगस्त 2026 को किसान और परिवार अपना सामान लेकर नाव से पटना पहुँचते रहे — पलायन का सिलसिला जारी है।

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