सराय रंजन निवासियों का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरुद्ध प्रदर्शन

पटना के सराय रंजन मोहल्ले के निवासियों ने 18 अगस्त 2026 (मंगलवार) को नए सचिवालय के निकट काले झंडे लेकर प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ प्रदर्शन किया — इस दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर तैनात रहे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार की राजधानी पटना में सराय रंजन के स्थानीय निवासी 18 अगस्त 2026 को काले झंडे थामे नए सचिवालय परिसर के पास एकत्र हुए और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना का विरोध जताया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में सराय रंजन के निवासियों ने पटना के नए सचिवालय के पास 18 अगस्त 2026 को प्रदर्शन किया; पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

सराय रंजन (पटना) के निवासियों ने 18 अगस्त 2026 को नए सचिवालय के पास काले झंडे लेकर प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरुद्ध अपना आक्रोश व्यक्त किया — पुलिस बल स्थिति पर नज़र रखे रहा। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

18 अगस्त 2026 को पटना के सराय रंजन इलाके के बाशिंदे नए सचिवालय के नज़दीक एकजुट हुए और काले झंडों के साथ प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विरोध किया; पुलिस बल सतर्कता से तैनात रही। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार की राजधानी पटना में सराय रंजन के निवासी 18 अगस्त 2026 को प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ सड़क पर उतरे और नए सचिवालय के पास काले झंडे फहराए; पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पटना के नए सचिवालय के निकट सराय रंजन के निवासियों ने 18 अगस्त 2026 को काले झंडे उठाकर प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का विरोध दर्ज कराया — यह तस्वीर बिहार में बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को लेकर बढ़ते जन असंतोष को दर्शाती है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में सराय रंजन के निवासियों ने 18 अगस्त 2026 को पटना के नए सचिवालय क्षेत्र में काले झंडों के साथ प्रदर्शन किया और पुलिस की मौजूदगी में अपना विरोध दर्ज कराया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

पटना के सराय रंजन क्षेत्र के निवासियों ने 18 अगस्त 2026 को प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरुद्ध नए सचिवालय के पास काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया — पुलिस बल सतर्कता से तैनात रहा। यह विरोध परियोजना से प्रभावित स्थानीय निवासियों की चिंताओं को उजागर करता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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