नक्टा दियारा में नावों से आवाजाही, गंगा का जलस्तर बढ़ा
पटना के नक्टा दियारा क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद 30 सितंबर 2026 को नावें ही लोगों का एकमात्र आवागमन का साधन बन गईं — राष्ट्र प्रेस के अनुसार स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पटना के नक्टा दियारा क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद 30 सितंबर 2026 को नावें ही लोगों का एकमात्र आवागमन का साधन बन गईं — राष्ट्र प्रेस के अनुसार स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पटना के नक्टा दियारा के पास एक व्यक्ति 30 सितंबर 2026 को गंगा के बढ़े हुए पानी में साइकिल उठाकर पैदल गुज़रता दिखा — बाढ़ में रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर गहरा असर पड़ा है।
पटना के नक्टा दियारा इलाक़े में गंगा का पानी बढ़ने पर एक व्यक्ति 30 सितंबर 2026 को बच्चे और घरेलू सामान को उठाकर पानी में से गुज़रा — बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
पटना के नक्टा दियारा के पास 30 सितंबर 2026 को गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद लोग खचाखच भरी नाव पर सवार होकर आवाजाही करते दिखे — बाढ़ में नाव एकमात्र परिवहन साधन बनी।
बिहार की राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से नक्टा दियारा क्षेत्र में सड़क संपर्क टूट गया और 30 सितंबर 2026 को लोग नावों पर निर्भर हो गए — मानसून के अंतिम चरण में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
30 सितंबर 2026 को पटना के नक्टा दियारा इलाक़े में गंगा नदी के उफान से जनजीवन बाधित रहा — राष्ट्र प्रेस के अनुसार स्थानीय निवासी नावों के ज़रिये आवाजाही को मजबूर हैं और प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।