पटना में मुहर्रम जुलूस का पहला दृश्य — मातम की रस्म

पटना, बिहार में 26 जून 2026 (शुक्रवार) को मुहर्रम जुलूस के दौरान शिया समुदाय के शोकार्थियों ने मातम (सीने पर रस्मी प्रहार) की परंपरा निभाई — यह अनुष्ठान हज़रत इमाम हुसैन इब्न अली की शहादत की स्मृति में किया जाता है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

बिहार की राजधानी पटना में मुहर्रम के अवसर पर शिया मुसलमानों ने जुलूस निकाला और मातम की रस्म अदा की — यह परंपरा कर्बला की जंग में पैगंबर मुहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में सदियों से चली आ रही है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

हज़रत इमाम हुसैन इब्न अलीपैगंबर मुहम्मद के नवासे — की कर्बला की जंग में शहादत की याद में पटना में शिया शोकार्थियों ने 26 जून 2026 को मुहर्रम जुलूस में गहरे दुख के साथ मातम किया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

आशूरा के अवसर पर पटना, बिहार में शिया समुदाय ने मुहर्रम जुलूस निकाला जिसमें मातम की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का पालन किया गया — यह अनुष्ठान कर्बला की जंग में इमाम हुसैन के बलिदान का प्रतीक है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

26 जून 2026 को पटना में मुहर्रम के मौके पर निकाले गए शिया जुलूस में बड़ी संख्या में शोकार्थी शामिल हुए और मातम की रस्म अदा की — यह धार्मिक आयोजन हज़रत इमाम हुसैन इब्न अली की शहादत को समर्पित था। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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