संगम पर उफनाई गंगा यमुना, पानी पर तैरते पोंटून
प्रयागराज के संगम पर 20 अगस्त 2026 (गुरुवार) को मानसून के दौरान गंगा और यमुना का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया — उफनाए पानी पर तैरते पोंटून बाढ़ जैसे हालात की गवाही दे रहे हैं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
प्रयागराज के संगम पर 20 अगस्त 2026 (गुरुवार) को मानसून के दौरान गंगा और यमुना का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया — उफनाए पानी पर तैरते पोंटून बाढ़ जैसे हालात की गवाही दे रहे हैं। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
भारी बारिश के बाद 20 अगस्त 2026 को प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर इतना बढ़ गया कि नदी का पानी एक पुल को लगभग छूने लगा — अधिकारियों के अनुसार बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
प्रयागराज के संगम का हवाई दृश्य दिखाता है कि 20 अगस्त 2026 को मानसून के बीच गंगा और यमुना के उफनाए पानी में नावें बिखरी पड़ी हैं — नदियों का विस्तार सामान्य से कहीं अधिक है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
मानसून सीज़न 2026 में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम का एक और हवाई दृश्य — गंगा और यमुना के विशाल जलराशि के बीच नावें बेहद छोटी नज़र आ रही हैं, जो बाढ़ की भयावहता को दर्शाता है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
20 अगस्त 2026 को ली गई हवाई तस्वीरों में संगम क्षेत्र में गंगा और यमुना का जलस्तर सामान्य सीमा से ऊपर दिखा — नावें पानी पर बिखरी हुई हैं और तटीय इलाकों में जलभराव की आशंका जताई जा रही है। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)
बाढ़ के बावजूद प्रयागराज के संगम पर 20 अगस्त 2026 को गंगा और यमुना के उफनाए पानी में श्रद्धालु आस्था के साथ डुबकी लगाते नज़र आए — मानसून की चुनौतियों के बीच भी तीर्थयात्रा जारी रही। (फोटो: राष्ट्र प्रेस)