नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन — तीनों रथ तैयार हो रहे हैं

ओडिशा के पुरी में 3 जुलाई 2026 को पारंपरिक महाराणा सेवक वार्षिक रथ यात्रा (गुंडिचा यात्रा) से पूर्व भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों पवित्र रथों — नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन — का निर्माण कार्य पूरा कर रहे हैं।

गुंडिचा यात्रा से पहले पुरी में पारंपरिक महाराणा सेवक सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र के रथ तालध्वज और देवी सुभद्रा के रथ दर्पदलन को हस्तनिर्मित विधि से तैयार कर रहे हैं।

3 जुलाई 2026 को ओडिशा के पुरी जिले में देवी सुभद्रा के पवित्र रथ दर्पदलन का निर्माण कार्य जारी है। पारंपरिक महाराणा सेवक वार्षिक रथ यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं, जिसे गुंडिचा यात्रा भी कहा जाता है।

पुरी रथ यात्रा 2026 की तैयारियों के तहत भगवान जगन्नाथ के भव्य रथ नंदीघोष का निर्माण 3 जुलाई 2026 को पुरी, ओडिशा में जारी है। पारंपरिक महाराणा सेवक पीढ़ियों से चली आ रही इस पवित्र परंपरा को निभा रहे हैं।

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