स्नान मंडप पहुँचे गजपति महाराजा, राज नीति की शुरुआत

गजपति महाराजा सोमवार, 29 जून 2026 को ओडिशा के पुरी ज़िले में श्रीजगन्नाथ मंदिर के स्नान मंडप पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्नान यात्रा के अंतर्गत राज नीति और छेरा पहनरा अनुष्ठान सम्पन्न किए। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/X/@JagannathaDhaam)

देवस्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीजगन्नाथ मंदिर, पुरी में स्नान यात्रा का आयोजन हुआ — यह वार्षिक परंपरा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के औपचारिक स्नान से जुड़ी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/X/@JagannathaDhaam)

छेरा पहनरा रस्म में गजपति महाराजा सोने की झाड़ू से स्नान मंडप की सफ़ाई करते हैं — यह अनुष्ठान इस बात का प्रतीक है कि भगवान जगन्नाथ के समक्ष राजा भी एक साधारण सेवक है। 29 जून 2026 को यह परंपरा पुनः निभाई गई। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/X/@JagannathaDhaam)

ओडिशा के पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में स्नान यात्रा हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा को मनाई जाती है — 29 जून 2026 को लाखों श्रद्धालुओं ने इस महापर्व में भाग लिया। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/X/@JagannathaDhaam)

स्नान यात्रा के पश्चात भगवान जगन्नाथ लगभग 15 दिनों के 'अनसर' (एकांतवास) में चले जाते हैं, जिसके बाद रथ यात्रा का आयोजन होता है — पुरी की यह परंपरा सदियों पुरानी है। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस/X/@JagannathaDhaam)

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