लिंगनमक्की किनारे निष्क्रिय पड़ी सिगंदूर की पुरानी नौकाएँ

शिवमोग्गा, कर्नाटक: सिगंदूर की सेवानिवृत्त नौकाएँ 22 अक्टूबर 2026 को लिंगनमक्की जलाशय के वन आच्छादित किनारे के पास निष्क्रिय पड़ी दिखीं — ये नौकाएँ पाँच दशकों से अधिक समय तक शरावती नदी के बैकवाटर पार कर श्री सिगंदूर चौडेश्वरी मंदिर तक तीर्थयात्रियों और यात्रियों को पहुँचाती रहीं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

शिवमोग्गा ज़िले में शरावती नदी के बैकवाटर पार कर श्री सिगंदूर चौडेश्वरी मंदिर तक जाने वाली नौका सेवा पाँच दशकों से अधिक समय तक संचालित रही; अब नवनिर्मित पुल के बाद ये नौकाएँ लिंगनमक्की जलाशय के वन आच्छादित तट के पास निष्क्रिय पड़ी हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

शिवमोग्गा ज़िले के सिगंदूर के पास 22 अक्टूबर 2026 को लिंगनमक्की जलाशय के बैकवाटर का दृश्य — शरावती नदी के किनारे वृक्षाच्छादित द्वीप और घने जंगल इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को उजागर करते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

कर्नाटक के शिवमोग्गा ज़िले में सिगंदूर के निकट शरावती नदी के किनारे लिंगनमक्की जलाशय के बैकवाटर का विस्तृत दृश्य — वृक्षाच्छादित द्वीप और घने वन तट इस ऐतिहासिक नौका मार्ग के प्राकृतिक परिवेश को दर्शाते हैं। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

शिवमोग्गा ज़िले में लिंगनमक्की जलाशय के पास शरावती नदी के बैकवाटर पर नवनिर्मित सिगंदूर पुल का दृश्य — यह पुल उस नौका सेवा की जगह ले चुका है जो पाँच दशकों से अधिक समय तक यात्रियों को श्री सिगंदूर चौडेश्वरी मंदिर तक पहुँचाती थी। (फ़ोटो: राष्ट्र प्रेस)

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