धर्मेंद्र प्रधान ने PM मोदी को सौंपा इस्तीफ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया — राष्ट्र प्रेस के अनुसार यह घटनाक्रम राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया — राष्ट्र प्रेस के अनुसार यह घटनाक्रम राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया। यह इस्तीफ़ा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा गया, जिससे मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज़ हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा। इस्तीफ़े के कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी बाकी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है। 25 जुलाई 2026 को सौंपे गए इस त्यागपत्र पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यरत थे। 25 जुलाई 2026 को उन्होंने अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया, जिससे उनके मंत्री पद के कार्यकाल का अंत हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया। यह कदम राजनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली से राष्ट्र प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को इस्तीफ़ा दे दिया। शिक्षा मंत्रालय में अब नए नेतृत्व की संभावना पर चर्चा जारी है।
धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई 2026 को इस्तीफ़ा देने के बाद अगले केंद्रीय शिक्षा मंत्री को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही कोई निर्णय ले सकते हैं, हालाँकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्यागपत्र सौंपे जाने से केंद्रीय राजनीति में हलचल मच गई। राष्ट्र प्रेस इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े का असर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय का काम जारी रहेगा। 25 जुलाई 2026 को दिए गए इस त्यागपत्र पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।