क्या 16 जनवरी का पंचांग माघ माह की त्रयोदशी तिथि के शुभ-अशुभ समय के बारे में जानकारी प्रदान करता है?

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क्या 16 जनवरी का पंचांग माघ माह की त्रयोदशी तिथि के शुभ-अशुभ समय के बारे में जानकारी प्रदान करता है?

सारांश

16 जनवरी का पंचांग माघ माह की त्रयोदशी तिथि की जानकारी देता है, जिसमें शुभ और अशुभ समय का उल्लेख है। जानें क्या है इस दिन का महत्व और कैसे करें शुभ कार्य।

Key Takeaways

  • त्रयोदशी तिथि का महत्व जानें।
  • शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
  • राहुकाल से बचें।
  • माता लक्ष्मी

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य या दिन की शुरुआत के लिए सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। यह हिंदू पंचांग के आधार पर तय किया जाता है। 16 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

16 जनवरी को शुक्रवार है और मूल नक्षत्र पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा, जिससे गण्ड मूल योग पूरे दिन बना रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में संचार करेंगे, जबकि सूर्य मकर राशि में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में हैं। सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। चंद्रोदय 17 जनवरी सुबह 6 बजकर 12 मिनट और चन्द्रास्त दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर होगा।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक है। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से 2 बजकर 58 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 11 मिनट तक है।

अगर कोई शुभ कार्य करना चाहते हैं तो राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें, इस समय कोई शुभ कार्य न करें। 16 जनवरी को राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, यमगण्ड दोपहर 3 बजकर 9 मिनट से 4 बजकर 28 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 8 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 53 मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह 9 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 3 मिनट तक है। भद्रा रात 10 बजकर 21 मिनट से 17 जनवरी सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक प्रभावी रहेगा। मूल नक्षत्र होने पर शुभ या नए कार्य करने से परहेज करना चाहिए।

शुक्रवार का दिन विष्णुप्रिया को समर्पित है। इस माता लक्ष्मी, माता संतोषी के साथ ही शुक्र ग्रह की विधि-विधान से पूजन करने से धर में सुख-शांति के साथ ग्रह दोष भी खत्म होते हैं। माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई, खीर या नारियल आदि का भोग लगाना चाहिए। वहीं, ज्योतिषी के अनुसार, शुक्र ग्रह शांति के लिए सफेद चीजों जैसे चीनी, चावल, दूध आदि का दान करना चाहिए।

Point of View

हम सभी को अपने शुभ कार्यों की योजना बनाते समय पंचांग का ध्यान रखना चाहिए। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारे जीवन में सकारात्मकता लाने में भी सहायक है।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

16 जनवरी का पंचांग क्या बताता है?
16 जनवरी का पंचांग माघ माह की त्रयोदशी तिथि का विवरण देता है, जिसमें शुभ और अशुभ समय का उल्लेख है।
इस दिन शुभ कार्य करने का सही समय क्या है?
शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त शामिल हैं।
राहुकाल का समय कब है?
16 जनवरी को राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
क्या इस दिन विशेष पूजा की जानी चाहिए?
शुक्रवार का दिन विष्णुप्रिया को समर्पित है, इसलिए माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहेगा।
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