ओडिशा सीएम ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र, राष्ट्रपति के साथ हुई घटना को बताया दुखद

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ओडिशा सीएम ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र, राष्ट्रपति के साथ हुई घटना को बताया दुखद

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राष्ट्रपति मुर्मु के साथ हुई घटना को दुखद बताया। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मुर्मु के साथ हुई घटना ने पूरे देश को दुख पहुँचाया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का पत्र एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है।
संथाल समुदाय की भावनाओं का सम्मान आवश्यक है।

भुवनेश्वर, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखकर कहा कि हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ जो घटना घटी, वह अत्यंत दुखद है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं आपसी सम्मान और गरिमा पर आधारित हैं, और विचारों का भिन्नता कभी भी दिलों के भिन्नता में बदल नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रपति के साथ पश्चिम बंगाल में जो व्यवहार किया गया, उसने पूरे देश में लोगों को गहरा दुख पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले हुई यह घटना और भी चिंताजनक है। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान बुनियादी शिष्टाचार का अभाव, जैसे कि आदिवासी समुदाय के सदस्यों के कार्यक्रम में बदलाव, अस्वीकार्य और हमारे संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। इससे देश के लाखों आदिवासी, पिछड़े वर्ग और दलित समुदायों की भावनाएं आहत हुई हैं, और पश्चिम बंगाल की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ा है, जो अपनी संस्कृति, शालीनता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान के लिए जाना जाता है।

उन्होंने आगे लिखा कि संथाल समुदाय एक बड़ा समुदाय है, जो भारत के अनेक हिस्सों में बसा हुआ है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। मैं स्वयं इस समुदाय का सदस्य होने के नाते इस घटना से अत्यंत दुखी हूं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस मामले पर गंभीरता से विचार करें और राष्ट्रपति तथा देशवासियों के प्रति खेद व्यक्त करें। ऐसा कदम लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक पदों की गरिमा के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को फिर से स्थापित करेगा।

ज्ञात हो कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ७ मार्च को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहुंची थीं, जहां उन्हें ९वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेना था। हालांकि, कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर राष्ट्रपति ने नाराजगी व्यक्त की थी।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य मंत्रियों की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की, यह कहते हुए, "यदि राष्ट्रपति किसी स्थान का दौरा करते हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को आना चाहिए, लेकिन वह नहीं आईं। मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज थीं या ऐसा क्यों हुआ।"

इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी के कारण जमकर राजनीति शुरू हो गई, और इस पर अभी भी विवाद चल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और आदिवासी समुदायों की भावनाओं से भी जुड़ी है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सम्मान का होना अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मु के साथ क्या घटना हुई थी?
राष्ट्रपति मुर्मु के साथ पश्चिम बंगाल में कार्यक्रम के दौरान शिष्टाचार का अभाव था, जिससे उन्होंने नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी को क्यों पत्र लिखा?
मुख्यमंत्री ने पत्र में राष्ट्रपति के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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