ईरान ने कुवैत घुसपैठ आरोप को बताया 'बेबुनियाद', IRGC सदस्यों की तत्काल रिहाई की माँग

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ईरान ने कुवैत घुसपैठ आरोप को बताया 'बेबुनियाद', IRGC सदस्यों की तत्काल रिहाई की माँग

सारांश

ईरान ने कुवैत के IRGC घुसपैठ आरोप को 'बेबुनियाद' बताकर खारिज किया और चार हिरासती नागरिकों की तत्काल रिहाई माँगी। कुवैत का दावा है कि बुबियान द्वीप पर घुसपैठ की कोशिश में एक सैनिक घायल हुआ। सऊदी अरब ने भी कड़ी निंदा की — खाड़ी में तनाव बढ़ा।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्रालय ने 13 मई 2026 को कुवैत के घुसपैठ आरोप को "पूरी तरह बेबुनियाद और अस्वीकार्य" बताया।
ईरान का कहना है कि नेविगेशन सिस्टम में खराबी के कारण उसके नागरिक अनजाने में कुवैती जलक्षेत्र में पहुँचे।
कुवैत के अनुसार, IRGC से जुड़े चार लोग बुबियान द्वीप पर पकड़े गए और झड़प में एक कुवैती सैनिक घायल हुआ।
ईरान ने कुवैत स्थित अपने दूतावास को हिरासती नागरिकों से मिलने की अनुमति और उनकी तत्काल रिहाई की माँग की।
सऊदी अरब ने कथित घुसपैठ को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की अनदेखी बताते हुए कड़ी निंदा की।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने 13 मई 2026 को कुवैत के उस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के चार सदस्यों ने कुवैती क्षेत्र में घुसपैठ की। मंत्रालय ने इस आरोप को "पूरी तरह बेबुनियाद और अस्वीकार्य" करार दिया और कहा कि इसे "अनुचित राजनीति और प्रचार" के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

ईरान का आधिकारिक पक्ष

ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, संबंधित ईरानी नागरिक एक नियमित समुद्री गश्ती मिशन पर थे। मंत्रालय का कहना है कि नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण वे अनजाने में कुवैत के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर गए। मंत्रालय ने इसे जानबूझकर की गई घुसपैठ मानने से इनकार किया।

ईरान ने यह भी दोहराया कि वह क्षेत्र के सभी देशों, विशेष रूप से कुवैत, की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के सिद्धांत पर कायम है। मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि कुवैती अधिकारी "जल्दबाजी में बयान देने और निराधार आरोप लगाने से बचेंगे" और इस मामले को आधिकारिक कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाएँगे।

दूतावास पहुँच और रिहाई की माँग

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए माँग की कि कुवैत स्थित ईरानी दूतावास को हिरासत में लिए गए ईरानी नागरिकों से मिलने की इजाजत दी जाए। साथ ही मंत्रालय ने उनकी तत्काल रिहाई की भी माँग की।

कुवैत का दावा क्या था

कुवैत ने आरोप लगाया था कि IRGC से जुड़े चार लोग समुद्री मार्ग से बुबियान द्वीप में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान हुई झड़प में एक कुवैती सैनिक घायल भी हुआ। यह घटना खाड़ी क्षेत्र में ईरान-कुवैत संबंधों में एक नया तनाव बिंदु बनकर उभरी है।

सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब ने भी कथित घुसपैठ की कड़ी निंदा की। सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर की स्पष्ट अनदेखी है। मंत्रालय ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने वाली ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक संतुलन पहले से ही नाजुक है। ईरान और कुवैत दोनों के रुख देखते हुए, यह मामला कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से सुलझाया जाएगा या तनाव और बढ़ेगा — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठाता है कि IRGC जैसी अनुशासित और तकनीकी रूप से सक्षम सैन्य इकाई नेविगेशन की चूक कैसे कर सकती है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खाड़ी देशों ने ईरानी बलों पर जलसीमा उल्लंघन का आरोप लगाया हो। सऊदी अरब की तत्काल और कड़ी प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देश इस घटना को अलग-थलग नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा के नजरिए से देख रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या दोनों पक्ष इसे कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाते हैं, या यह खाड़ी में पहले से तनावपूर्ण ईरान-अरब संबंधों में एक और दरार बन जाती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने कुवैत के घुसपैठ आरोप पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 13 मई 2026 को कुवैत के आरोप को 'पूरी तरह बेबुनियाद और अस्वीकार्य' बताया। मंत्रालय ने कहा कि नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण ईरानी नागरिक अनजाने में कुवैती जलक्षेत्र में पहुँच गए थे।
कुवैत ने IRGC पर क्या आरोप लगाया था?
कुवैत ने दावा किया था कि IRGC से जुड़े चार लोग समुद्री मार्ग से बुबियान द्वीप में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। इस दौरान कुवैती सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प में एक कुवैती सैनिक घायल भी हुआ।
ईरान ने हिरासती नागरिकों के बारे में क्या माँग की?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए माँग की कि कुवैत स्थित ईरानी दूतावास को हिरासत में लिए गए ईरानी नागरिकों से मिलने की अनुमति दी जाए। साथ ही मंत्रालय ने उनकी तत्काल रिहाई की भी माँग की।
सऊदी अरब ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कथित घुसपैठ की कड़ी निंदा करते हुए इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर की अनदेखी बताया। मंत्रालय ने ऐसी गतिविधियों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया।
यह विवाद खाड़ी क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान और खाड़ी देशों के बीच कूटनीतिक संबंध पहले से नाजुक हैं। बुबियान द्वीप रणनीतिक रूप से संवेदनशील है और सऊदी अरब की तत्काल प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि GCC देश इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में देख रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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