ईरान की सैन्य कमान का खंडन: यूएई पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की प्रमुख सैन्य कमान "खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स" ने 6 मई 2026 को स्पष्ट किया कि देश के सशस्त्र बलों ने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ कोई मिसाइल या ड्रोन ऑपरेशन नहीं किया है। अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार यह जानकारी मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाग़ारी ने दी।
ईरान का आधिकारिक खंडन
प्रवक्ता ज़ोल्फाग़ारी ने जोर देकर कहा कि यदि ईरान ने ऐसी कोई कार्रवाई की होती, तो "हम उसे स्पष्ट और निर्णायक रूप से घोषित करते।" उन्होंने यूएई की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज किया जिसमें ईरान पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का आरोप लगाया गया था। साथ ही उन्होंने यूएई के अधिकारियों और राजनेताओं से अपील की कि वे अपने देश को अमेरिका और इज़राइल द्वारा बिछाए गए जाल में न फँसने दें, जैसा कि शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट किया।
यूएई पर "मीडिया आक्रमण" का आरोप
ज़ोल्फाग़ारी ने यह भी कहा कि यूएई को ईरान के खिलाफ "मीडिया आक्रमण" नहीं चलाना चाहिए और "बेबुनियाद आरोप" नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूएई, पश्चिम एशिया क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल के मुख्य ठिकानों में से एक बन चुका है और वहाँ उनके सैनिकों तथा सैन्य उपकरणों का बड़ा हिस्सा मौजूद है।
ईरान की चेतावनी और संयम का दावा
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ईरान ने अब तक यूएई की "मीडिया हाइप" और "इस्लामी दुनिया के दुश्मनों" को दी जा रही सहायता के बावजूद संयम बनाए रखा है — केवल यूएई की जनता की सुरक्षा के लिए। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यूएई की भूमि से ईरानी द्वीपों और तटों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई, तो ईरान "कड़ा और पछतावा कराने वाला जवाब" देगा।
यूएई का पक्ष और फुजैरा घटना
गौरतलब है कि सोमवार को यूएई ने दावा किया था कि ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए देश पर नए सिरे से हमले किए, जिनमें फुजैरा तेल उद्योग क्षेत्र जैसे स्थानों को निशाना बनाया गया और तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव चरम पर है।
ईरानी राज्य मीडिया की स्थिति
ईरानी राज्य टेलीविजन ने एक सैन्य स्रोत के हवाले से कहा कि ईरान की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोई पूर्व-निर्धारित मंशा नहीं थी। साथ ही उसने "अमेरिकी सैन्य साहसिकता" को दोष देते हुए कहा कि इसी कारण ऐसे हालात बने जिनसे जहाज होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित क्षेत्रों से गुजर सके। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच क्षेत्र में कूटनीतिक तनाव और गहराने की आशंका बनी हुई है।