ईरान के अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने से अमेरिकी दावे की हुई धज्जियाँ
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नष्ट किया।
- अमेरिका के दावे को चुनौती मिली है।
- अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर ध्यान केंद्रित किया है।
बीजिंग, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में, ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इसके तुरंत बाद, अमेरिका और ईरान ने अमेरिकी पायलट की खोज के लिए प्रयास तेज कर दिए। इस घटना पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान केंद्रित हो गया है।
सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध, जिसे अमेरिकी जनता पहले से ही व्यापक रूप से अस्वीकार कर चुकी है, अब और भी जटिल हो गया है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीटर ब्रायन हेगसेथ ने पहले कहा था कि अमेरिका और इजरायल को ईरान के ऊपर उड़ान भरने की लगभग बिना किसी रुकावट की स्वतंत्रता प्राप्त है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पास जवाबी कार्रवाई की कोई क्षमता नहीं है। लेकिन अब, ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराकर अमेरिका के इस दावे को गलत साबित कर दिया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई के बाद, अमेरिका ने ईरान पर एक दुखद घटना का आरोप लगाया जिसमें एक प्राथमिक विद्यालय पर हमले में 165 बच्चे मारे गए थे। लेकिन जाँच से पता चलता है कि इस प्राथमिक विद्यालय पर हमला करने की संभावना अधिकतर अमेरिकी सेना की ओर इंगित करती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)