आदित्य धर ने 'धुरंधर' के एडिटर शिवकुमार की प्रतिभा की सराहना की, बोले- वे फिल्म में जान डालते हैं
सारांश
Key Takeaways
- आदित्य धर ने शिवकुमार वी. पणिक्कर की प्रतिभा की सराहना की।
- फिल्म 'धुरंधर' में एडिटिंग ने एक नया अनुभव प्रदान किया।
- शिवकुमार का योगदान फिल्म की सफलता में महत्वपूर्ण है।
- टीम वर्क फिल्म निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
- शिव का समर्पण और मेहनत अद्वितीय है।
मुंबई, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निदेशक आदित्य धर अपनी स्पाई थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की बॉक्स ऑफिस पर हो रही जोरदार कमाई के बीच फिल्म के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को श्रेय देना नहीं भूलते। उन्होंने सिनेमेटोग्राफर विकास नौलखा की तारीफ करने के बाद अब फिल्म के हर सीन को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने का श्रेय एडिटर शिवकुमार वी. पणिक्कर को दिया है। उनकी एडिटिंग ने फिल्म के उच्च-उत्साह एक्शन और दृश्यों को भावनात्मक रूप से जीवंत बनाया।
सोमवार को, आदित्य धर ने शिवकुमार वी. पणिक्कर के लिए एक विशेष पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने शिव को अपना सबसे करीबी दोस्त और भाई बताया। आदित्य ने लिखा, "कुछ रिश्ते केवल एक फिल्म से नहीं बनते, बल्कि वर्षों के विश्वास और एक-दूसरे का साथ देने से बनते हैं।"
निर्देशक ने कहा, "वे सिर्फ एक एडिटर नहीं हैं, बल्कि मेरे सबसे करीबी दोस्त, भाई और भरोसेमंद साथी हैं। उनकी निष्ठा इतनी गहरी है कि कोई भी इंसान भावुक हो जाए। मेरी जरूरत के समय वे हमेशा खड़े रहते हैं और सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार होते हैं।"
आदित्य धर ने शिव की प्रतिभा की भी सराहना की। उन्होंने लिखा, "शिव निस्संदेह सबसे तेज और कुशल फिल्म एडिटर में से एक हैं, लेकिन उन्हें विशेष बनाने वाला गुण केवल उनका हुनर नहीं, बल्कि फिल्म की कहानी, ताल और भावनाओं को समझने की उनकी गहरी समझ है। वे फिल्म को केवल एडिट नहीं करते, बल्कि उसमें जान डालते हैं।"
आदित्य धर ने बताया कि धुरंधर को दो भागों में बांटने का निर्णय उनका था, लेकिन इसे सफल बनाने का पूरा श्रेय शिव कुमार का है। आदित्य ने लिखा, "शिव ने इस जिम्मेदारी को अपने कंधों पर बहुत खूबसूरती से उठाया और शानदार तरीके से प्रस्तुत किया। यह उनके लिए असली चमत्कार जैसा था।"
आदित्य ने लिखा कि आमतौर पर इतनी बड़ी फिल्म की एडिटिंग में महीनों या वर्षों लग सकते हैं, लेकिन शिव ने इसे केवल कुछ दिनों में पूरा कर दिया। निर्देशक ने लिखा, "धुरंधर में हमने जो स्केल, गुणवत्ता और समयसीमा प्राप्त की, वह पहले कभी नहीं हुआ। इसका बड़ा श्रेय शिव को जाता है।"
आदित्य ने लिखा, "शिव कुमार की भूमिका केवल एडिटिंग तक सीमित नहीं थी। लेखन, तैयारी, शूटिंग की चुनौतियों और पोस्ट-प्रोडक्शन में, हर जगह वे फिल्म को बेहतर बनाने के लिए सोचते और मेहनत करते रहे। उन्होंने कभी दबाव में काम की गुणवत्ता को कम नहीं होने दिया और कभी सच्चाई से समझौता नहीं किया। शिव कुमार पणिक्कर का यह समर्पण और प्रतिभा वाकई अमूल्य है।