झारखंड सरकार का एआई पर ₹1,150 करोड़ का निवेश, पाँच वर्षों में अग्रणी एआई राज्य बनाने का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड सरकार ने 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में अगले पाँच वर्षों में ₹1,150 करोड़ के एआई निवेश का रोडमैप प्रस्तुत किया। इस योजना के तहत राज्य को देश का अग्रणी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) राज्य बनाने की परिकल्पना रखी गई है, जिसमें एआई अवसंरचना, डिजिटल क्षमता विस्तार और नवाचार को केंद्र में रखा गया है।
झारखंड एआई नीति 2026-31 की रूपरेखा
सरकार ने प्रस्तावित 'झारखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति 2026-31' की विस्तृत रूपरेखा साझा की। इस नीति के तहत शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। नीति में डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को प्राथमिकता दी गई है — यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में एआई नैतिकता पर बहस तेज हो रही है।
मुख्य एआई पहलें और प्लेटफॉर्म
बैठक में तीन प्रमुख एआई परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (CM-DIP) विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और विभागीय कार्यों की रियल टाइम निगरानी करेगा। हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम (HNVS) स्वास्थ्य सेवाओं को डेटा-आधारित बनाएगा, जबकि क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम (CMAS) खनिज प्रशासन को आधुनिक एआई तकनीक से जोड़ेगा।
इसके अलावा सरकार ने बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली और पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं के विस्तार की योजना भी प्रस्तुत की।
इकोसिस्टम और अवसंरचना विकास
राज्य सरकार ने स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की। रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आईटी कंपनियों, स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
गौरतलब है कि झारखंड परंपरागत रूप से खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है। एआई और डिजिटल अवसंरचना में यह बड़ा निवेश राज्य की आर्थिक विविधीकरण की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विजन-2050: दीर्घकालिक लक्ष्य
दीर्घकालिक विजन-2050 के तहत सरकार ने ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करने, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देने और एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी पर भी जोर दिया गया है।
निवेशकों से साझेदारी का आह्वान
सरकार ने प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, निवेशकों और उद्योग जगत से झारखंड में एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना और नवाचार कार्यक्रमों में भागीदारी का आह्वान किया। आने वाले महीनों में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होने पर निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया इस महत्वाकांक्षी योजना की दिशा तय करेगी।