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झारखंड विजन-2050: 8-9 जुलाई को नई दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन, AI-पर्यटन नीतियों के ड्राफ्ट होंगे जारी

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झारखंड विजन-2050: 8-9 जुलाई को नई दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन, AI-पर्यटन नीतियों के ड्राफ्ट होंगे जारी

सारांश

झारखंड सरकार विजन-2050 को ज़मीन पर उतारने के लिए 8-9 जुलाई को नई दिल्ली में बड़ा निवेश सम्मेलन बुला रही है — एआई नीति, पर्यटन नीति और पीपीपी नीति के ड्राफ्ट के साथ। यह खनिज-निर्भर राज्य का प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र की ओर बड़ा दाँव है।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार 8-9 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में विजन-2050 के तहत दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन आयोजित करेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
झारखंड एआई नीति , निवेश प्रोत्साहन नीति , पर्यटन नीति , टेक्सटाइल नीति , जियाडा नियमावली और पीपीपी नीति के ड्राफ्ट जारी किए जाएंगे।
पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस, आईटी और एआई ; दूसरे दिन उद्योग, निवेश और पर्यटन पर चर्चा।
बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर और नए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च होंगे।

झारखंड सरकार विजन-2050 के तहत 8 और 9 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन आयोजित करने जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश के नए द्वार खोलना और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार करना है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, नीति-निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।

किसे मिला निमंत्रण, कौन होगा मुख्य अतिथि

आईटी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उन्हें इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इस बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी भी उपस्थित रहे।

कौन-सी नई नीतियाँ होंगी पेश

राज्य सरकार के अनुसार, सम्मेलन में उद्योग जगत से सुझाव लेने के लिए कई नीतियों के प्रारूप जारी किए जाएंगे। इनमें झारखंड एआई नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, जियाडा नियमावली और पीपीपी नीति के ड्राफ्ट शामिल हैं। इसके साथ ही कई नए ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किए जाएंगे।

दो दिनों का एजेंडा

पहले दिन8 जुलाई — डिजिटल गवर्नेंस, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित सत्र होंगे। सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद के ज़रिए राज्य में आईटी और एआई क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इस दौरान आईटी विभाग और कई कंपनियों के बीच समझौते होने की भी संभावना है।

दूसरे दिन9 जुलाई — उद्योग, निवेश और पर्यटन पर ध्यान केंद्रित रहेगा। निवेशकों के समक्ष झारखंड की औद्योगिक और पर्यटन क्षमता प्रस्तुत की जाएगी और बड़े औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।

विजन-2050 का व्यापक लक्ष्य

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब झारखंड खनिज संसाधनों पर निर्भर अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि राज्य में अब तक आईटी और एआई क्षेत्र में बड़े निवेश की कमी रही है, और यह सम्मेलन उस अंतर को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इस आयोजन से राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे और विजन-2050 के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में ठोस प्रगति होगी। एमओयू पर हस्ताक्षर और नई नीतियों के ड्राफ्ट जारी होने के बाद इन लक्ष्यों की व्यावहारिकता अधिक स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा एमओयू के बाद शुरू होती है — राज्य में पिछले निवेश सम्मेलनों में हस्ताक्षरित समझौतों का एक बड़ा हिस्सा ज़मीन पर नहीं उतर पाया। एआई और आईटी नीतियों के ड्राफ्ट जारी करना स्वागतयोग्य कदम है, पर झारखंड में डिजिटल बुनियादी ढाँचे और कुशल जनशक्ति की कमी एक वास्तविक चुनौती बनी हुई है। विजन-2050 की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि नीतियों के ड्राफ्ट कितनी जल्दी अधिसूचित होते हैं और निवेशकों को ज़मीन व मंज़ूरियाँ कितनी पारदर्शिता से मिलती हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विजन-2050 नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन क्या है?
यह झारखंड सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन है, जो 8-9 जुलाई 2025 को नई दिल्ली में होगा। इसका उद्देश्य विजन-2050 के तहत राज्य में निवेश आकर्षित करना और नई नीतियों पर उद्योग जगत से सुझाव लेना है।
इस सम्मेलन में कौन-सी नीतियाँ पेश की जाएंगी?
सम्मेलन में झारखंड एआई नीति, निवेश प्रोत्साहन नीति, पर्यटन नीति, टेक्सटाइल नीति, जियाडा नियमावली और पीपीपी नीति के ड्राफ्ट जारी किए जाएंगे। इनके अलावा कई नए ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च होंगे।
सम्मेलन के दो दिनों का एजेंडा क्या है?
8 जुलाई को डिजिटल गवर्नेंस, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा होगी, जबकि 9 जुलाई को उद्योग, निवेश और पर्यटन पर ध्यान केंद्रित रहेगा। दोनों दिन कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इस सम्मेलन में क्या भूमिका है?
आईटी सचिव पूजा सिंघल और उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। उनकी उपस्थिति राज्य सरकार की निवेश प्रतिबद्धता का संकेत मानी जा रही है।
इस सम्मेलन से झारखंड को क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि इस आयोजन से राज्य में निवेश बढ़ेगा और रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। विजन-2050 के दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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