शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एनटीए की उच्च स्तरीय समीक्षा की, परीक्षा प्रणाली के व्यापक ऑडिट का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और एजेंसी को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट करने का आदेश दिया। यह कदम एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में नए सिरे से उठे विवादों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
बैठक में कौन-कौन शामिल था
इस उच्च स्तरीय बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, एनटीए के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, एजेंसी को परीक्षा प्रणाली के हर चरण की समीक्षा करने, कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए उपायों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया।
मुख्य निर्देश और सुधार
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री जोशी ने निर्धारित परीक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गोपनीय संचालन संरचना, अलग कमरों के उपयोग, एयर-गैप्ड सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जमा करने के प्रोटोकॉल के संबंध में युद्धस्तर पर व्यापक सुधार लागू करने का निर्देश दिया। बाहरी नेटवर्क से पूरी तरह अलग रखे गए कंप्यूटर सिस्टमों के उपयोग से संवेदनशील परीक्षा सामग्री तक अनधिकृत पहुँच के जोखिम को कम करने पर विशेष जोर दिया गया।
एनटीए में बड़े संस्थागत बदलाव
बैठक में शिक्षा मंत्री को अवगत कराया गया कि एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को पहले ही हटाया जा चुका है। इसके साथ ही 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं, जिनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), महाप्रबंधक-परीक्षण सुरक्षा और महाप्रबंधक-अनुसंधान एवं विकास व मनोमिति जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए साइबर सुरक्षा, मनोमिति, प्रश्न-पत्र डिज़ाइन और अन्य विशिष्ट क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के डोमेन विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा रहा है।
यूजीसी-नेट पुनः परीक्षा की पृष्ठभूमि
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई जब एनटीए ने रविवार को घोषणा की कि अंग्रेजी समाजशास्त्र और वाणिज्य के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) का पुनः आयोजन किया जाएगा, क्योंकि प्रश्न-पत्रों में कई त्रुटियाँ पाई गई थीं। गौरतलब है कि यह एनटीए के लिए हालिया महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन को लेकर आलोचना का एक और अवसर बन गया।
आगे क्या होगा
एनटीए को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं पर गहन ऑडिट की रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करनी होगी। नए पेशेवर नेतृत्व पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की सेवाएँ परीक्षा सुरक्षा व प्रश्न-पत्र निर्माण में कमियों को दूर करने में सहायक होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये संस्थागत सुधार लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा एनटीए पर फिर से बहाल कर पाते हैं या नहीं।