19 अगस्त 2026
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एनटीए सुधार: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की समीक्षा, 600 विशेषज्ञ हटाए, 4-स्तरीय जाँच प्रणाली लागू होगी

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एनटीए सुधार: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की समीक्षा, 600 विशेषज्ञ हटाए, 4-स्तरीय जाँच प्रणाली लागू होगी

सारांश

यूजीसी-नेट पेपर विवाद के बाद शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एनटीए की समीक्षा की। 600 विशेषज्ञ हटाए गए, 4-स्तरीय जाँच प्रणाली आएगी और सीआईएसएफ सुरक्षा के साथ नया कार्यालय बनेगा। अंग्रेज़ी-वाणिज्य की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी।

मुख्य बातें

शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 18 अगस्त 2026 को एनटीए की कामकाज समीक्षा बैठक की और सुरक्षा व बुनियादी ढाँचे सुधारने के निर्देश दिए।
यूजीसी-नेट की 3 परीक्षाएँ (अंग्रेज़ी, वाणिज्य, समाजशास्त्र) प्रश्न-पत्र गड़बड़ियों के कारण रद्द की गई थीं; पुनर्परीक्षा 9 और 10 सितंबर को होगी।
एनटीए ने 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञ नियुक्त किए; 50 से अधिक स्टाफ पहले ही हटाए जा चुके हैं।
प्रश्न-पत्र जाँच के लिए 4-स्तरीय प्रणाली लागू होगी; अगले 2-3 सप्ताह में 20-25 नए अधिकारी भर्ती होंगे।
एनटीए कार्यालय नई जगह स्थानांतरित होगा, सीआईएसएफ तैनाती के साथ सुरक्षा सुदृढ़ होगी।
यह विवाद नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और तत्कालीन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद और गहरा हुआ।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की व्यापक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा व बुनियादी ढाँचे को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। यह कदम यूजीसी-नेट की तीन परीक्षाओं — अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र — में प्रश्न-पत्र गड़बड़ियाँ सामने आने के बाद उन्हें रद्द किए जाने की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन-नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी-नेट) विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति, पीएचडी प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करती है। अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों के प्रश्न-पत्रों में कई गलतियाँ और गड़बड़ियाँ मिलने के बाद इन परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा, जिससे एनटीए की साख पर गंभीर सवाल उठे।

रद्द की गई परीक्षाओं की पुनर्परीक्षा की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं — अंग्रेज़ी और वाणिज्य की परीक्षा 9 सितंबर को और समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी।

एनटीए में बड़े संरचनात्मक बदलाव

समीक्षा बैठक के बाद एनटीए के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने सुधार उपायों का विवरण साझा किया। इनमें सबसे अहम कदम परीक्षा टीम में बड़ा फेरबदल है — 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

इसके साथ ही प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चार-स्तरीय क्वेश्चन पेपर जाँच प्रणाली लागू की जाएगी। अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 नए अधिकारी भर्ती किए जाएँगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, आगे और नियुक्तियों की योजना पर भी विचार किया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले ही सिस्टम की कमियों को दूर करने के लिए 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को हटाया जा चुका है। एजेंसी साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिज़ाइन के लिए निजी क्षेत्र से डोमेन विशेषज्ञ भी नियुक्त कर रही है।

सुरक्षा और कार्यालय पुनर्गठन

मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि एनटीए के कार्यालय को युद्धस्तर पर नई जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जहाँ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीमों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। मंत्री ने एनटीए को पहले ही अपने गोपनीय कामकाज के ढाँचे में बड़ा बदलाव करने और परीक्षा प्रणाली का युद्धस्तर पर ऑडिट कराने के निर्देश दे दिए हैं।

पृष्ठभूमि: नीट-यूजी विवाद और मंत्री परिवर्तन

यह विवाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक होने और उसके बाद देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की घटना के बाद और तीखा हो गया। आलोचकों का कहना है कि इन विवादों ने एनटीए की जवाबदेही और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। देशव्यापी दबाव के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

यह ऐसे समय में आया है जब एनटीए पहले से ही अपनी विश्वसनीयता बहाल करने की कोशिश में है और लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा दाँव पर लगा है। नए सुधारों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये बदलाव ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये महज़ संख्याओं का खेल है या ढाँचागत जवाबदेही की शुरुआत। 600 विशेषज्ञ हटाना और 50 स्टाफ बर्खास्त करना तब तक अर्थहीन है जब तक नए विशेषज्ञों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी न हो। नीट-यूजी और यूजीसी-नेट विवाद एक ही जड़ से उपजे हैं — जवाबदेही का अभाव और आंतरिक ऑडिट की कमज़ोरी। चार-स्तरीय जाँच प्रणाली तभी कारगर होगी जब उसकी स्वतंत्र निगरानी हो; अन्यथा यह भी उसी नौकरशाही तंत्र का हिस्सा बन जाएगी जो पहले विफल हो चुकी है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिक्षा मंत्री ने एनटीए की समीक्षा बैठक क्यों बुलाई?
यूजीसी-नेट की अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र गड़बड़ियाँ मिलने के बाद उन्हें रद्द करना पड़ा, जिसके बाद शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 18 अगस्त 2026 को यह समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे और परीक्षा प्रणाली में सुधार के निर्देश दिए गए।
रद्द की गई यूजीसी-नेट परीक्षाएँ दोबारा कब होंगी?
अंग्रेज़ी और वाणिज्य विषय की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को और समाजशास्त्र की पुनर्परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित होगी।
एनटीए में क्या-क्या बदलाव किए जा रहे हैं?
600 पुराने विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं, 4-स्तरीय प्रश्न-पत्र जाँच प्रणाली लागू होगी, 2-3 सप्ताह में 20-25 नए अधिकारी भर्ती होंगे और एनटीए कार्यालय को सीआईएसएफ सुरक्षा के साथ नई जगह स्थानांतरित किया जाएगा। इससे पहले 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को भी हटाया जा चुका है।
यूजीसी-नेट परीक्षा किसके लिए ज़रूरी है?
यूजीसी-नेट परीक्षा विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति, पीएचडी कोर्स में प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करती है। यह परीक्षा देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के करियर से सीधे जुड़ी है।
नीट-यूजी विवाद और एनटीए के मौजूदा संकट का क्या संबंध है?
नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक होने और देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बाद परीक्षा रद्द हुई थी, जिसके चलते तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यूजीसी-नेट विवाद इसी पृष्ठभूमि में आया, जिसने एनटीए की विश्वसनीयता पर और गहरा असर डाला।
राष्ट्र प्रेस
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