एनटीए सुधार: शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने की समीक्षा, 600 विशेषज्ञ हटाए, 4-स्तरीय जाँच प्रणाली लागू होगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की व्यापक समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए सुरक्षा व बुनियादी ढाँचे को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। यह कदम यूजीसी-नेट की तीन परीक्षाओं — अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र — में प्रश्न-पत्र गड़बड़ियाँ सामने आने के बाद उन्हें रद्द किए जाने की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन-नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी-नेट) विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति, पीएचडी प्रवेश और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्रता निर्धारित करती है। अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों के प्रश्न-पत्रों में कई गलतियाँ और गड़बड़ियाँ मिलने के बाद इन परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा, जिससे एनटीए की साख पर गंभीर सवाल उठे।
रद्द की गई परीक्षाओं की पुनर्परीक्षा की तिथियाँ घोषित कर दी गई हैं — अंग्रेज़ी और वाणिज्य की परीक्षा 9 सितंबर को और समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को होगी।
एनटीए में बड़े संरचनात्मक बदलाव
समीक्षा बैठक के बाद एनटीए के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने सुधार उपायों का विवरण साझा किया। इनमें सबसे अहम कदम परीक्षा टीम में बड़ा फेरबदल है — 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
इसके साथ ही प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चार-स्तरीय क्वेश्चन पेपर जाँच प्रणाली लागू की जाएगी। अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 नए अधिकारी भर्ती किए जाएँगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, आगे और नियुक्तियों की योजना पर भी विचार किया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले ही सिस्टम की कमियों को दूर करने के लिए 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को हटाया जा चुका है। एजेंसी साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिज़ाइन के लिए निजी क्षेत्र से डोमेन विशेषज्ञ भी नियुक्त कर रही है।
सुरक्षा और कार्यालय पुनर्गठन
मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि एनटीए के कार्यालय को युद्धस्तर पर नई जगह स्थानांतरित किया जाएगा, जहाँ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीमों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। मंत्री ने एनटीए को पहले ही अपने गोपनीय कामकाज के ढाँचे में बड़ा बदलाव करने और परीक्षा प्रणाली का युद्धस्तर पर ऑडिट कराने के निर्देश दे दिए हैं।
पृष्ठभूमि: नीट-यूजी विवाद और मंत्री परिवर्तन
यह विवाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक होने और उसके बाद देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की घटना के बाद और तीखा हो गया। आलोचकों का कहना है कि इन विवादों ने एनटीए की जवाबदेही और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के संचालन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। देशव्यापी दबाव के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
यह ऐसे समय में आया है जब एनटीए पहले से ही अपनी विश्वसनीयता बहाल करने की कोशिश में है और लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा दाँव पर लगा है। नए सुधारों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ये बदलाव ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।