NTA परीक्षा व्यवस्था का संपूर्ण ऑडिट होगा, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 17 अगस्त को दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार, 17 अगस्त को नई दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और एजेंसी को परीक्षा की समस्त प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने के निर्देश दिए। हाल के महीनों में परीक्षाओं में सामने आई गंभीर खामियों की पृष्ठभूमि में यह बैठक अहम मानी जा रही है।
बैठक में क्या निर्देश दिए गए
शिक्षा मंत्री जोशी ने NTA को परीक्षा व्यवस्था के प्रत्येक चरण की समीक्षा करने और कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशन्स आर्किटेक्चर, अलग कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर प्रणालियों और डिवाइस जमा करने के नियमों में युद्धस्तर पर बदलाव लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। बाहरी नेटवर्क से पूरी तरह अलग कंप्यूटर प्रणालियों के इस्तेमाल से संवेदनशील परीक्षा सामग्री तक अनधिकृत पहुँच की आशंका को कम किया जाएगा।
UGC-NET पुनर्परीक्षा का निर्णय
गौरतलब है कि UGC-NET जून 2026 के अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। NTA ने इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में बड़ी संख्या में गंभीर त्रुटियाँ पाए जाने के बाद पुनर्परीक्षा का निर्णय लिया है। एजेंसी के अनुसार इन परीक्षाओं में भाषा और वर्तनी की गलतियों के साथ-साथ पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी बड़ी संख्या में सामने आई। ये पुनर्परीक्षाएँ सितंबर 2026 में आयोजित होंगी।
NTA में सुधार की प्रक्रिया
बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि NTA में सुधार प्रक्रिया के तहत 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया जा चुका है। इसके साथ ही एजेंसी के भीतर पेशेवर और तकनीकी नेतृत्व को मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई है।
NTA ने 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आरंभ की है, जिनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), परीक्षा सुरक्षा के महाप्रबंधक, तथा अनुसंधान एवं विकास और मनोमितीय मूल्यांकन के महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। साइबर सुरक्षा, मनोमितीय मूल्यांकन और प्रश्नपत्र निर्माण जैसे विशेष क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी NTA से जोड़ा जा रहा है।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
इस समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के महानिदेशक, परीक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ऐसे समय में आया है जब NTA की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य एजेंसी की कार्यप्रणाली पर निर्भर है।
आगे क्या होगा
ऑडिट पूरा होने के बाद NTA को सुधारात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपनी होगी। UGC-NET की तीन विषयों की पुनर्परीक्षा सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ पारदर्शी जवाबदेही तंत्र स्थापित करना NTA की साख बहाल करने के लिए अनिवार्य होगा।