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नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को: धर्मेंद्र प्रधान ने 5400+ केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की

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नीट यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को: धर्मेंद्र प्रधान ने 5400+ केंद्रों की तैयारियों की समीक्षा की

सारांश

नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा सिर्फ एक तारीख नहीं है — यह NTA की साख की अग्निपरीक्षा है। 3 मई की परीक्षा रद्द होने और CBI जाँच के बीच, 21 जून को 5,400 से अधिक केंद्रों पर लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर है।

मुख्य बातें

नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को 550 शहरों के 5,400 से अधिक केंद्रों पर होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 27 मई को डॉ.
राधाकृष्णन के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
राधाकृष्णन NTA सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति के अध्यक्ष हैं।
मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, पेपर लीक की शिकायत पर 11 मई को रद्द की गई; CBI जाँच जारी है।
संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी, डिजिटल सर्विलांस और पहचान सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुखों को सहयोग के लिए पत्र लिखा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार, 27 मई 2026 को पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन के साथ नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर के 550 शहरों में स्थित 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी है।

समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

नई दिल्ली में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में उच्च शिक्षा सचिव, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक, एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि डॉ. के. राधाकृष्णन NTA से संबंधित सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति के अध्यक्ष भी हैं।

परीक्षा सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

बैठक में NTA के महानिदेशक ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए अतिरिक्त कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा सर्विलांस सिस्टम का व्यापक मूल्यांकन किया गया है और उसमें आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं। बैठक में डिजिटल निगरानी, अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन प्रक्रिया और परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को पूरी तरह रोका जा सके।

शिक्षा मंत्री का निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देशभर के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधाएँ और छात्र-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित एवं पारदर्शी रहे। इससे पहले सोमवार को प्रधान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखकर सुचारु आयोजन में सहयोग माँगा था।

नीट विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायतें सामने आने पर 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। अब इस पूरे मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्षों में भी परीक्षा अनियमितताओं को लेकर NTA की साख पर सवाल उठते रहे हैं।

आगे की राह

अधिकारियों के अनुसार, पुनर्परीक्षा के सफल आयोजन के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी यह पुनर्परीक्षा NTA की विश्वसनीयता की भी परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सर्विलांस और प्रशासनिक सुधार उस प्रणालीगत खामी को दूर कर सकते हैं जिसने पेपर लीक को संभव बनाया। NTA पर यह दूसरे बड़े विवाद के बाद भी संस्था की संरचनात्मक जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित है। CBI जाँच चल रही है, लेकिन परिणाम सार्वजनिक होने से पहले ही पुनर्परीक्षा हो जाएगी — यह अनुक्रम खुद में सवाल उठाता है। लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा केवल बैठकों से नहीं, बल्कि 21 जून को ज़मीन पर दिखने वाली पारदर्शिता से बहाल होगा।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा कब और कहाँ होगी?
नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के 550 शहरों में स्थित 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होगी।
नीट यूजी 2026 की मूल परीक्षा क्यों रद्द की गई?
3 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा में पेपर लीक की शिकायतें मिलने पर 11 मई को इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले की जाँच अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) कर रही है।
डॉ. के. राधाकृष्णन की नीट पुनर्परीक्षा में क्या भूमिका है?
पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन NTA से संबंधित सिफारिशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 27 मई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की।
पुनर्परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं?
मौजूदा सर्विलांस सिस्टम का व्यापक मूल्यांकन कर उसमें तकनीकी व प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी, डिजिटल सर्विलांस और अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
राज्य सरकारों की नीट पुनर्परीक्षा में क्या भूमिका होगी?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखकर सहयोग माँगा है। केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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