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कोलकाता में मार्शल आर्ट्स शिक्षक गिरफ्तार: NGO हॉस्टल में नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण का आरोप

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कोलकाता में मार्शल आर्ट्स शिक्षक गिरफ्तार: NGO हॉस्टल में नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण का आरोप

सारांश

कोलकाता के एक NGO हॉस्टल में मार्शल आर्ट्स की आड़ में महीनों तक नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण होता रहा। शिक्षक प्रोसेनजीत दास ट्रेजरर के पद का इस्तेमाल कर बच्चियों तक पहुँचता था। पैनिक अटैक के बाद पीड़िता ने आपबीती बताई और POCSO के तहत गिरफ्तारी हुई।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने मार्शल आर्ट्स शिक्षक प्रोसेनजीत दास को शनिवार को गिरफ्तार किया।
आरोपी दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क स्थित एक एनजीओ हॉस्टल में ट्रेजरर के पद पर था और बच्चियों को कराटे व कुंग-फू सिखाता था।
पीड़िता नाबालिग लड़की कई महीनों तक यौन शोषण का शिकार रही; आरोपी उसे डराता-धमकाता था।
पीड़िता को पैनिक अटैक आने के बाद हॉस्टल के एक अन्य शिक्षक को मामले की जानकारी हुई।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने हॉस्टल का दौरा कर पीड़िता को सुरक्षित आश्रय-गृह में रखा।
POCSO अधिनियम 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज; पुलिस अन्य संभावित पीड़िताओं की जाँच कर रही है।

कोलकाता पुलिस ने दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में एक एनजीओ हॉस्टल में नाबालिग छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप में मार्शल आर्ट्स शिक्षक प्रोसेनजीत दास को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार, 13 जुलाई को यह जानकारी दी। आरोपी पर 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO) 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, प्रोसेनजीत दास सर्वे पार्क स्थित एक एनजीओ हॉस्टल में ट्रेजरर के पद पर कार्यरत था। यही एनजीओ उस हॉस्टल में रहने वाली नाबालिग लड़कियों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता था। इसी क्रम में प्रोसेनजीत बच्चियों को कराटे और कुंग-फू भी सिखाता था।

आरोप है कि वह मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण की आड़ में नाबालिग लड़कियों को अनुचित तरीके से स्पर्श करता था। कई लड़कियाँ असहज महसूस करती थीं, लेकिन कथित तौर पर उनमें शिक्षक के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस नहीं था।

पीड़िता की आपबीती

पुलिस के अनुसार, रवींद्र सरोवर इलाके की एक नाबालिग लड़की — जिसके माता-पिता अलग हो चुके थे — सर्वे पार्क के उसी हॉस्टल में रह रही थी। उसने भी प्रोसेनजीत से मार्शल आर्ट्स सीखना शुरू किया था।

नाबालिग का आरोप है कि आरोपी शिक्षक उसे 'अलग क्लास' के बहाने हॉस्टल के सुनसान स्थान पर बुलाता था और कई महीनों तक उसका यौन शोषण करता रहा। वह उसे डराता-धमकाता भी था, जिस कारण वह चुप रही।

पुलिस ने बताया कि लंबे समय तक शोषण सहने के बाद लड़की को पैनिक अटैक आने लगे। हॉस्टल के एक अन्य शिक्षक ने यह देखा और सहानुभूतिपूर्वक उससे कारण पूछा, तब पीड़िता ने पूरी बात बताई।

शिकायत और जाँच की प्रक्रिया

उस शिक्षक ने अधिकारियों से परामर्श के बाद सीधे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में शिकायत दर्ज कराई। कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टल का दौरा किया, जाँच की और पीड़िता को सुरक्षित आश्रय-गृह में रखने की व्यवस्था की।

शुरुआत में शिकायत रवींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई। चूँकि घटनास्थल सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता था, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला सर्वे पार्क थाने को स्थानांतरित कर दिया गया।

गिरफ्तारी और आगे की जाँच

जाँच पूरी होने के बाद पुलिस ने शनिवार को प्रोसेनजीत दास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने अतीत में कितनी नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में बच्चों की सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत निगरानी की विफलता का भी प्रतीक है — जहाँ एनजीओ के भीतर एक पदाधिकारी महीनों तक बच्चियों का शोषण करता रहा और किसी वयस्क को भनक तक नहीं लगी। गौरतलब है कि पीड़िता तब ही बोल पाई जब उसका शरीर और मन टूट चुका था। सवाल यह है कि एनजीओ की आंतरिक शिकायत प्रणाली कहाँ थी और बच्चों की सुरक्षा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ने क्या किया। POCSO के तहत गिरफ्तारी ज़रूरी कदम है, लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब जाँच उन संस्थागत खामियों तक पहुँचे जिन्होंने इस अपराध को पनपने दिया।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में गिरफ्तार मार्शल आर्ट्स शिक्षक पर क्या आरोप हैं?
प्रोसेनजीत दास पर आरोप है कि उसने सर्वे पार्क स्थित एनजीओ हॉस्टल में रहने वाली नाबालिग लड़कियों का मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण की आड़ में यौन शोषण किया। उस पर POCSO अधिनियम 2012 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी की पहचान कैसे हुई और उसे कब गिरफ्तार किया गया?
पीड़िता नाबालिग को पैनिक अटैक आने पर हॉस्टल के एक अन्य शिक्षक ने उससे बात की, जिसके बाद मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी तक पहुँचा। जाँच के बाद पुलिस ने शनिवार को प्रोसेनजीत दास को गिरफ्तार किया।
POCSO अधिनियम के तहत इस मामले में क्या कार्रवाई हो सकती है?
POCSO अधिनियम 2012 के तहत नाबालिग के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के मामले में कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें कई वर्षों की सज़ा शामिल हो सकती है। मामले की जाँच सर्वे पार्क पुलिस स्टेशन कर रहा है और आरोपी से पूछताछ जारी है।
क्या इस मामले में अन्य पीड़िताएँ भी हो सकती हैं?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अतीत में कितनी नाबालिग लड़कियों का शोषण किया। हॉस्टल में कई नाबालिग लड़कियाँ रहती थीं जो उससे मार्शल आर्ट्स सीखती थीं।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
हॉस्टल के एक शिक्षक की शिकायत पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने हॉस्टल का दौरा किया, पीड़िता से बात की और उसे एक सुरक्षित आश्रय-गृह में रखने की व्यवस्था की। इसके बाद पुलिस ने औपचारिक जाँच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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