कोलकाता में नाबालिग का अपहरण करने के 11 साल बाद आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- गिरफ्तारी 11 साल बाद हुई है।
- आरोपी पर नाबालिग का अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोप हैं।
- पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया शुरू की है।
- आरोपी ने नाबालिग लड़की से विवाह किया था।
- दंपति का एक बच्चा भी है।
कोलकाता, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोलकाता पुलिस के सहयोग से कोलकाता में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश से एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया और उसे यहाँ बसाया। पुलिस ने रविवार को बताया कि गिरफ्तारी हाल के दिनों में हुई है और उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी ले जाने की प्रक्रिया में है।
पुलिस के अनुसार, 2015 में एक युवक ने एक नाबालिग लड़की से विवाह किया। यह आरोप है कि उसने लड़की को उत्तर प्रदेश के खोड़ा कॉलोनी से अगवा करके कोलकाता लाया। उस समय लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ नाबालिग के यौन उत्पीड़न और अपहरण का मामला दर्ज कराया था। अब 11 वर्ष बीत चुके हैं। उस समय की नाबालिग अब बालिग हो चुकी है और दंपति का एक बच्चा भी है, जो वर्तमान में स्कूल में पढ़ रहा है। हालांकि, इन वर्षों में युवक ने पुलिस के समन का जवाब नहीं दिया।
इसी कारण, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोलकाता में छापा मारा। पूर्वी कोलकाता के तंगरा इलाके में कोलकाता पुलिस की सहायता से चलाए गए तलाशी अभियान में, उत्तर प्रदेश के खोड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने अपहरणकर्ता रणजीत सिंह को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की की पहली मुलाकात रणजीत से उत्तर प्रदेश में हुई थी। इसके बाद, गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में रहने वाली नाबालिग के साथ रणजीत का घनिष्ठ संबंध बन गया। बाद में, रणजीत ने नाबालिग लड़की को लेकर कोलकाता भाग गया, जहाँ उन्होंने विवाह कर लिया। कुछ समय बाद, लड़की के परिवार ने खोड़ा पुलिस स्टेशन में रणजीत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
रणजीत अपनी नाबालिग पत्नी के साथ शहर में छिप गया। उस समय तलाशी अभियान चलाने के बावजूद पुलिस उसे नहीं ढूंढ पाई। बाद में, युवक ने नौकरी कर ली और उसकी पत्नी कानूनी तौर पर बालिग हो गई। दंपति का एक बच्चा भी हुआ, जिसे बाद में स्कूल में दाखिला दिलाया गया।
इस बीच, खोड़ा पुलिस स्टेशन ने रणजीत को बुलाया, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। खोड़ा स्टेशन के पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह रणजीत का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। रणजीत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि वह अपने परिवार के साथ सुखी जीवन जी रहा है और उसकी पत्नी अब बालिग हो चुकी है। इसलिए वह इस पुराने मामले में उलझना नहीं चाहता।
इसके जवाब में पुलिस ने उन्हें समझाया कि नाबालिग के यौन उत्पीड़न और अपहरण के आरोप अभी भी उनके खिलाफ हैं, और कानून की नजर में वे अभी भी अपराधी हैं।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यूपी पुलिस ने उन्हें अपनी पत्नी के साथ गाजियाबाद अदालत में आत्मसमर्पण करने की सलाह दी है। यदि उनकी पत्नी अदालत में जाकर अपने वैवाहिक जीवन का ब्यौरा देती हैं, तो उन्हें राहत मिल सकती है।