अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड रेलवे को ₹20,667 करोड़ की कैबिनेट मंजूरी, 134 किमी नई लाइन बिछेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड रेलवे को ₹20,667 करोड़ की कैबिनेट मंजूरी, 134 किमी नई लाइन बिछेगी

सारांश

₹20,667 करोड़ की अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड रेलवे परियोजना को कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है। 134 किमी की यह स्वदेशी तकनीक आधारित लाइन धोलेरा SIR, नए एयरपोर्ट और लोथल हेरिटेज कॉम्प्लेक्स को जोड़ेगी — और देशभर में सेमी-हाईस्पीड रेल विस्तार के लिए मॉडल बनेगी।

मुख्य बातें

सीसीईए ने 13 मई 2026 को ₹20,667 करोड़ की अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को मंजूरी दी।
यह भारतीय रेलवे की पहली परियोजना होगी जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जाएगा।
परियोजना से रेलवे नेटवर्क में 134 किलोमीटर की वृद्धि होगी और 284 गाँवों के करीब 5 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है और देशभर में सेमी-हाईस्पीड रेल विस्तार के लिए मॉडल बनेगी।
परियोजना से तेल आयात में 0.48 करोड़ लीटर की कमी और 2 करोड़ किग्रा CO2 उत्सर्जन में कटौती का अनुमान है।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार, 13 मई 2026 को अहमदाबाद (सरखेज)-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड डबल लाइन रेलवे परियोजना को ₹20,667 करोड़ की लागत से मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिया गया यह फैसला भारतीय रेलवे के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि यह देश की पहली ऐसी रेलवे परियोजना होगी जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के ज़रिए विकसित किया जाएगा।

परियोजना का विस्तार और प्रमुख विशेषताएँ

यह नई रेल लाइन गुजरात के अहमदाबाद जिले में बिछाई जाएगी और इससे भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 134 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। कैबिनेट के बयान के अनुसार, यह परियोजना अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), आगामी धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के बीच तेज़ और सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।

प्रस्तावित रेल लाइन से लगभग 284 गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जहाँ करीब 5 लाख लोग निवास करते हैं। यह सेमी-हाईस्पीड सेवा यात्रियों के सफर का समय उल्लेखनीय रूप से कम करेगी और दैनिक आवाजाही को सुविधाजनक बनाएगी।

मॉडल परियोजना के रूप में महत्व

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना देश भर में चरणबद्ध तरीके से सेमी-हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक मॉडल परियोजना के रूप में काम करेगी। यह पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसमें मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बेहतर बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। गौरतलब है कि इसमें विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वित योजना तैयार की गई है।

पर्यावरण और ऊर्जा पर असर

रेलवे के पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप को देखते हुए इस परियोजना से देश के जलवायु लक्ष्यों को भी बल मिलेगा। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस परियोजना से तेल आयात में लगभग 0.48 करोड़ लीटर की कमी आएगी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कटौती होगी — जो लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव माना गया है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

बयान में कहा गया कि यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के 'न्यू इंडिया' विजन के अनुरूप है, जो क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के ज़रिए आत्मनिर्भर बनाने और रोज़गार के अवसर बढ़ाने में सहायक होगी। नई रेल लाइन से लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही सुगम होगी, जिससे भारतीय रेलवे की कार्यक्षमता और सेवाओं की विश्वसनीयता में भी इज़ाफा होगा।

यह परियोजना न केवल अहमदाबाद और धोलेरा को करीब लाएगी, बल्कि धोलेरा SIR जैसे उभरते औद्योगिक केंद्र को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़कर निवेश आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

667 करोड़ की यह परियोजना महज एक रेल लाइन नहीं, बल्कि धोलेरा SIR को व्यावहारिक रूप से जीवंत करने की कोशिश है — जो वर्षों से 'ग्रीनफील्ड सिटी' के वादे के बावजूद निवेशकों की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा। स्वदेशी तकनीक का दावा उत्साहजनक है, लेकिन असली परीक्षा समयसीमा और लागत नियंत्रण में होगी — जो भारत की बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में अक्सर चुनौती बनती है। पीएम-गति शक्ति के तहत मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का ढाँचा सही दिशा में है, लेकिन धोलेरा एयरपोर्ट और NMHC जैसे अनुपूरक प्रोजेक्ट भी समानांतर गति से आगे बढ़ें, तभी यह 'मॉडल परियोजना' का दर्जा सार्थक होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाईस्पीड रेलवे परियोजना क्या है?
यह ₹20,667 करोड़ की एक डबल लाइन सेमी-हाईस्पीड रेलवे परियोजना है, जिसे 13 मई 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिली। यह अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा के बीच 134 किलोमीटर की नई रेल लाइन बिछाएगी और स्वदेशी तकनीक से विकसित होने वाली भारतीय रेलवे की पहली परियोजना होगी।
इस परियोजना से कितने लोगों को फायदा मिलेगा?
इस परियोजना से लगभग 284 गाँवों के करीब 5 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा धोलेरा SIR, धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल NMHC से जुड़ने वाले यात्रियों और निवेशकों को भी लाभ होगा।
यह परियोजना पर्यावरण के लिए कितनी फायदेमंद है?
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस परियोजना से तेल आयात में 0.48 करोड़ लीटर की कमी और करीब 2 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन में कटौती होगी, जो लगभग 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर प्रभाव है।
यह परियोजना किस राष्ट्रीय योजना के तहत आती है?
यह परियोजना पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करना है। इसमें विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वित योजना बनाई गई है।
धोलेरा SIR क्या है और इस परियोजना से उसे कैसे फायदा होगा?
धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) गुजरात में विकसित हो रहा एक ग्रीनफील्ड औद्योगिक शहर है। इस रेल परियोजना से धोलेरा SIR को अहमदाबाद से सीधी सेमी-हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निवेश आकर्षण और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले