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इंस्टाग्राम पर फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम से ₹2.54 करोड़ की ठगी, गुजरात पुलिस ने सावरकुंडला से दो गिरफ्तार

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इंस्टाग्राम पर फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम से ₹2.54 करोड़ की ठगी, गुजरात पुलिस ने सावरकुंडला से दो गिरफ्तार

सारांश

इंस्टाग्राम पर फर्जी कंपनी का विज्ञापन, डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच और फिर एक के बाद एक शुल्क की माँग — इस तरह एक शिकायतकर्ता से ₹2.54 करोड़ ठगे गए। गुजरात साइबर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, लेकिन 13 राज्यों में फैला यह नेटवर्क बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने अमरेली जिले के सावरकुंडला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर 'मायर होल्डिंग लिमिटेड' के नाम पर फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम चलाकर ₹2,53,91,066 की ठगी की।
13 राज्यों में साइबर अपराध की 34 शिकायतों में आरोपियों के बैंक खाते संलिप्त; 11 एफआईआर दर्ज।
आरोपी सवाबलिया बैंक खाताधारक था; राठौड़ ने खाते की जानकारी फरार आरोपियों तक पहुँचाई।
बरामदगी में दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक शामिल; आगे की जाँच जारी।

गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 11 अगस्त 2026 को अमरेली जिले के सावरकुंडला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फर्जी कंपनी का विज्ञापन दिखाकर और एक कथित ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम के ज़रिए एक शिकायतकर्ता से ₹2,53,91,066 की धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार, 13 राज्यों में साइबर अपराध की 34 शिकायतों में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का पता चला है और इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

कैसे बिछाया गया जाल

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के ज़रिए शिकायतकर्ता से संपर्क किया, जिसमें कथित तौर पर 'मायर होल्डिंग लिमिटेड' नामक कंपनी का प्रचार किया जा रहा था। शिकायतकर्ता को इस कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच दिया गया और उसे एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे उत्पाद जोड़ने के लिए कहा गया।

इस कथित स्कीम में शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह प्रत्येक उत्पाद की कीमत का 80 प्रतिशत हिस्सा कंपनी की कथित कस्टमर सर्विस द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा करे। बदले में उसे एक ऑनलाइन वॉलेट में डॉलर के रूप में 20 प्रतिशत का मुनाफा दिखाया गया।

ठगी का तरीका और बढ़ती मांगें

जब शिकायतकर्ता बड़ी संख्या में ऑर्डर पूरे नहीं कर पाया, तो कंपनी ने कथित तौर पर धमकी दी कि उसका स्टोर 48 घंटों के भीतर फ्रीज कर दिया जाएगा और यह भी दावा किया गया कि कंपनी का अधिग्रहण हो चुका है। इसके बाद एक के बाद एक अतिरिक्त भुगतान की माँगें की जाने लगीं — खाता अनफ्रीज करने, क्रेडिट स्कोर सुधारने और वॉलेट से पैसे निकालने के नाम पर।

जब शिकायतकर्ता के ऑनलाइन वॉलेट का बैलेंस कथित तौर पर 2,50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया, तो डॉलर को रुपये में बदलने के लिए भी अलग से शुल्क माँगा गया। यहाँ तक कि जब उसने स्टोर बंद करने का निर्णय लिया, तब भी उससे बंद करने का शुल्क वसूला गया।

आरोपियों की भूमिका और बरामदगी

जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से सवाबलिया बैंक खाताधारक था, जबकि राठौड़ ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई और उसे उन अन्य आरोपियों तक पहुँचाया जो अभी भी फरार हैं। आरोपियों के बैंक खातों में ₹25 लाख से अधिक के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक जब्त की है।

व्यापक साइबर अपराध नेटवर्क का संकेत

यह मामला एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क की ओर इशारा करता है। 13 राज्यों में दर्ज 34 साइबर शिकायतों में आरोपियों के बैंक खातों की संलिप्तता और 11 एफआईआर यह दर्शाती हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक संगठित धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकती है। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बताया कि आगे की जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवस्थित है — और दो गिरफ्तारियाँ संभवतः इस जाल की बाहरी कड़ियाँ मात्र हैं। असली सवाल यह है कि इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फर्जी कंपनियों के विज्ञापन बिना जाँच के कैसे चलते रहे, और क्या भारत की मौजूदा साइबर कानूनी व्यवस्था ऐसे बहु-राज्यीय अपराध नेटवर्क से निपटने के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में इंस्टाग्राम डिस्ट्रीब्यूटर धोखाधड़ी क्या है?
यह एक कथित ऑनलाइन ठगी है जिसमें आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर 'मायर होल्डिंग लिमिटेड' नामक फर्जी कंपनी का विज्ञापन दिखाकर एक व्यक्ति को डिस्ट्रीब्यूटर बनने का लालच दिया और उससे ₹2,53,91,066 की ठगी की। गुजरात साइबर पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को सावरकुंडला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ठगी किस तरह अंजाम दी गई?
शिकायतकर्ता को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद जोड़ने और प्रत्येक उत्पाद की कीमत का 80 प्रतिशत अलग-अलग बैंक खातों में जमा करने को कहा गया। बदले में वॉलेट में 20 प्रतिशत मुनाफा दिखाया गया, और बाद में खाता अनफ्रीज करने, क्रेडिट स्कोर सुधारने व डॉलर-रुपये रूपांतरण के नाम पर बार-बार अतिरिक्त भुगतान माँगा गया।
इस मामले में कितने राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार, 13 राज्यों में साइबर अपराध की 34 शिकायतों में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का पता चला है। इस मामले में अब तक 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की इस धोखाधड़ी में क्या भूमिका थी?
पुलिस के अनुसार, सवाबलिया ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते का धारक था, जबकि राठौड़ ने कथित तौर पर अपराध में प्रयुक्त बैंक खातों की जानकारी जुटाकर अन्य फरार आरोपियों तक पहुँचाई। दोनों के पास से दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक जब्त की गई है।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हाँ, पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों में ₹25 लाख से अधिक के वित्तीय लेन-देन का पता चला है, जो एक बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
राष्ट्र प्रेस
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