इंस्टाग्राम पर फर्जी डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम से ₹2.54 करोड़ की ठगी, गुजरात पुलिस ने सावरकुंडला से दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने 11 अगस्त 2026 को अमरेली जिले के सावरकुंडला से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फर्जी कंपनी का विज्ञापन दिखाकर और एक कथित ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूटर स्कीम के ज़रिए एक शिकायतकर्ता से ₹2,53,91,066 की धोखाधड़ी की। पुलिस के अनुसार, 13 राज्यों में साइबर अपराध की 34 शिकायतों में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का पता चला है और इस मामले में 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
कैसे बिछाया गया जाल
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन के ज़रिए शिकायतकर्ता से संपर्क किया, जिसमें कथित तौर पर 'मायर होल्डिंग लिमिटेड' नामक कंपनी का प्रचार किया जा रहा था। शिकायतकर्ता को इस कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच दिया गया और उसे एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे उत्पाद जोड़ने के लिए कहा गया।
इस कथित स्कीम में शिकायतकर्ता से कहा गया कि वह प्रत्येक उत्पाद की कीमत का 80 प्रतिशत हिस्सा कंपनी की कथित कस्टमर सर्विस द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में जमा करे। बदले में उसे एक ऑनलाइन वॉलेट में डॉलर के रूप में 20 प्रतिशत का मुनाफा दिखाया गया।
ठगी का तरीका और बढ़ती मांगें
जब शिकायतकर्ता बड़ी संख्या में ऑर्डर पूरे नहीं कर पाया, तो कंपनी ने कथित तौर पर धमकी दी कि उसका स्टोर 48 घंटों के भीतर फ्रीज कर दिया जाएगा और यह भी दावा किया गया कि कंपनी का अधिग्रहण हो चुका है। इसके बाद एक के बाद एक अतिरिक्त भुगतान की माँगें की जाने लगीं — खाता अनफ्रीज करने, क्रेडिट स्कोर सुधारने और वॉलेट से पैसे निकालने के नाम पर।
जब शिकायतकर्ता के ऑनलाइन वॉलेट का बैलेंस कथित तौर पर 2,50,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया, तो डॉलर को रुपये में बदलने के लिए भी अलग से शुल्क माँगा गया। यहाँ तक कि जब उसने स्टोर बंद करने का निर्णय लिया, तब भी उससे बंद करने का शुल्क वसूला गया।
आरोपियों की भूमिका और बरामदगी
जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से सवाबलिया बैंक खाताधारक था, जबकि राठौड़ ने कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई और उसे उन अन्य आरोपियों तक पहुँचाया जो अभी भी फरार हैं। आरोपियों के बैंक खातों में ₹25 लाख से अधिक के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक जब्त की है।
व्यापक साइबर अपराध नेटवर्क का संकेत
यह मामला एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क की ओर इशारा करता है। 13 राज्यों में दर्ज 34 साइबर शिकायतों में आरोपियों के बैंक खातों की संलिप्तता और 11 एफआईआर यह दर्शाती हैं कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि एक संगठित धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकती है। गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बताया कि आगे की जाँच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।