दिल्ली साइबर सेल का 'वर्क-फ्रॉम-होम' ठगी गिरोह पर शिकंजा, राजस्थान से 20 वर्षीय छात्र अनुज मीणा गिरफ्तार

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दिल्ली साइबर सेल का 'वर्क-फ्रॉम-होम' ठगी गिरोह पर शिकंजा, राजस्थान से 20 वर्षीय छात्र अनुज मीणा गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इंस्टाग्राम पर 'हैंडराइटिंग वर्क' का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। राजस्थान के करौली से गिरफ्तार 20 वर्षीय वेटनरी छात्र अनुज मीणा ने साथी गणेश शर्मा के साथ मिलकर पीड़ितों से ₹34,509 तक की ठगी की। फरार साथी की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस साइबर सेल (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) ने 'वर्क-फ्रॉम-होम' ठगी गिरोह का 1 मई 2026 को भंडाफोड़ किया।
राजस्थान के करौली जिले से 20 वर्षीय वेटनरी साइंस छात्र अनुज मीणा गिरफ्तार।
गिरोह ने इंस्टाग्राम पर 'हैंडराइटिंग वर्क' के फर्जी विज्ञापन के ज़रिए एक पीड़ित से ₹34,509.95 की ठगी की।
सह-आरोपी गणेश शर्मा उर्फ प्रिंस उर्फ गोलू फरार, पुलिस की तलाश जारी।
सूरत (गुजरात) से जुड़ी एक और शिकायत आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से संबंधित पाई गई।
पुलिस ने आरोपी से मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन के सबूत बरामद किए।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) ने इंस्टाग्राम पर 'हैंडराइटिंग वर्क' के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाकर 'वर्क-फ्रॉम-होम' के बहाने लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 1 मई 2026 को पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले से 20 वर्षीय वेटनरी साइंस के छात्र अनुज मीणा को गिरफ्तार किया। इस मामले की जानकारी केंद्रीय जिला दिल्ली के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने दी।

कैसे दिया जाता था ठगी को अंजाम

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह इंस्टाग्राम पर 'हैंडराइटिंग वर्क' के नाम से फर्जी विज्ञापन डालकर नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। पीड़ितों को घर बैठे काम करने का लालच देकर पहले रजिस्ट्रेशन फीस, फिर मटेरियल चार्ज, जीएसटी और अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर बार-बार रकम जमा कराई जाती थी।

29 अप्रैल 2026 को सीता राम बाजार, दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि गिरोह ने उससे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर ₹500, मटेरियल चार्ज के नाम पर ₹1,987, जीएसटी के नाम पर ₹1,755 और अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर ₹3,788 वसूले। इस तरह बार-बार अलग-अलग बहाने बनाकर पीड़ित से कुल ₹34,509.95 की ठगी की गई।

तकनीकी जाँच से मिला सुराग

शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस को संबंधित यूपीआई आईडी प्राप्त हुई। तकनीकी जाँच में सामने आया कि इंस्टाग्राम आईडी से जुड़े मोबाइल नंबर उसी खाताधारक के संपर्क में थे। इसके आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के करौली में छापा मारकर अनुज मीणा को गिरफ्तार किया।

आरोपी की भूमिका और गिरोह का ढाँचा

पूछताछ में अनुज मीणा ने बताया कि वह राजस्थान के नोहर स्थित लाइवस्टॉक रिसर्च स्टेशन में वेटनरी साइंस का छात्र है। उसने अपने साथी गणेश शर्मा उर्फ प्रिंस उर्फ गोलू के साथ मिलकर यह ठगी शुरू की थी। दोनों ने मिलकर इंस्टाग्राम पेज बनाया और विज्ञापन चलाकर पीड़ितों तक पहुँच बनाई।

पुलिस के अनुसार, गणेश शर्मा ऑनलाइन प्रोफाइल संभालता और लोगों को ठगता था, जबकि अनुज अपने नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराता था तथा ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और डिजिटल लेन-देन से जुड़े सबूत बरामद किए हैं।

जाँच का दायरा बढ़ा, फरार साथी की तलाश जारी

जाँच में यह भी सामने आया कि सूरत (गुजरात) से जुड़ी एक और शिकायत आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से संबंधित है। पुलिस अब फरार आरोपी गणेश शर्मा की तलाश कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य पीड़ितों की पहचान की जा रही है। गौरतलब है कि यह मामला उस बड़े रुझान का हिस्सा है जिसमें साइबर अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रोज़गार की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाते हैं। पुलिस ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई, इसकी भी जाँच जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सोशल मीडिया कंपनियों पर भी है — जो अभी तक इस मोर्चे पर काफी हद तक निष्क्रिय रही हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली 'वर्क-फ्रॉम-होम' ठगी मामले में क्या हुआ?
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इंस्टाग्राम पर 'हैंडराइटिंग वर्क' का फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। 1 मई 2026 को राजस्थान के करौली से 20 वर्षीय छात्र अनुज मीणा को गिरफ्तार किया गया।
पीड़ित से कितनी रकम की ठगी की गई और कैसे?
पीड़ित से कुल ₹34,509.95 की ठगी की गई। गिरोह ने रजिस्ट्रेशन फीस (₹500), मटेरियल चार्ज (₹1,987), जीएसटी (₹1,755) और अकाउंट वेरिफिकेशन (₹3,788) जैसे अलग-अलग बहानों से बार-बार रकम जमा कराई।
गिरफ्तार आरोपी अनुज मीणा कौन है?
अनुज मीणा राजस्थान के नोहर स्थित लाइवस्टॉक रिसर्च स्टेशन में वेटनरी साइंस का 20 वर्षीय छात्र है। वह गिरोह में अपने नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते उपलब्ध कराता था तथा ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था।
इस मामले में फरार आरोपी कौन है?
फरार आरोपी गणेश शर्मा उर्फ प्रिंस उर्फ गोलू है, जो इंस्टाग्राम प्रोफाइल संभालता और लोगों को ठगता था। दिल्ली पुलिस उसकी सक्रिय रूप से तलाश कर रही है।
क्या इस गिरोह के और पीड़ित हैं?
जाँच में सामने आया है कि सूरत (गुजरात) से जुड़ी एक और शिकायत आरोपी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से संबंधित है। पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान और ठगी की रकम के प्रवाह की जाँच जारी रखे हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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