2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली में फर्जी पुलिस बनकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन लोग गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली में फर्जी पुलिस बनकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन लोग गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली में साइबर पुलिस ने एक बड़े इम्पर्सोनेशन साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने एक व्यक्ति से 14.20 लाख रुपये ठगे। इस मामले में कुल लेनदेन 2.20 करोड़ रुपये से अधिक है। जानिए पूरी कहानी और साइबर ठगी से बचने के उपाय।

मुख्य बातें

साइबर ठगी का यह मामला इम्पर्सोनेशन पर आधारित था।
पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता ने ठग को पैसे ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बाहरी दिल्ली की साइबर पुलिस ने एक बड़े 'डिजिटल अरेस्ट' इम्पर्सोनेशन साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक व्यक्ति से लगभग 14.20 लाख रुपये की ठगी की गई है, जबकि जिस बैंक खाते का उपयोग किया गया, उसमें कुल लेनदेन करीब 2.20 करोड़ रुपये था।

21 फरवरी को पश्चिम विहार के निवासी सत्यपाल गुप्ता ने पुलिस को सूचित किया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने स्वयं को एक सीनियर पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बैंक खाते का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग से है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस डर से शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खाते में 14 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

शिकायत के आधार पर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया और एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई राहुल, हेड कांस्टेबल विजय, हेड कांस्टेबल अजय चिल्लर और कांस्टेबल संजय शामिल थे, जिनका नेतृत्व इंस्पेक्टर गजे सिंह कर रहे थे। पूरी कार्रवाई एसीपी वीरेंद्र दलाल की देखरेख में की गई।

जांच में पता चला कि जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, वह आईसीआईसीआई बैंक में 'रेनुदर सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से खुला था। जब इस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जांच की गई, तो कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद 9 मार्च को पुलिस ने इस कंपनी के डायरेक्टर सशिंदर राम को कश्मीरी गेट आईएसबीटी से गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह सामने आया कि वह जानबूझकर अपना बैंक खाता साइबर ठगी में इस्तेमाल करने दे रहा था और इसके बदले कमीशन लेता था।

पूछताछ के दौरान उसने अपने अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर दो और संदिग्धों मोहम्मद कैफ और मोनिश को उत्तर प्रदेश के कैराना और सहारनपुर से गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी अलग-अलग बैंकों, विशेषकर कोटक महिंद्रा बैंक में फर्जी या संदिग्ध खाते खोलने का कार्य करते थे, जिसका उपयोग इसी तरह के साइबर फ्रॉड में किया जाता था।

पुलिस ने इनसे तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें व्हाट्सऐप चैट्स जैसे महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। इन चैट्स से स्पष्ट हो गया कि ये लोग एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की खोज में जुटी हुई है और जांच लगातार जारी है।

पुलिस ने इस मामले के बाद आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें, विशेषकर यदि कोई खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करे। कभी भी ओटीपी, बैंक जानकारी या व्यक्तिगत विवरण साझा न करें। अगर किसी को साइबर फ्रॉड का संदेह हो, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें, नजदीकी थाने में जाएं या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें ताकि समय पर नुकसान को रोका जा सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर ठगी से कैसे बचें?
किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने से बचें।
क्या करें अगर ठगी का शिकार हो जाएं?
तुरंत पुलिस से संपर्क करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
यह ठगी किस प्रकार की थी?
यह ठगी इम्पर्सोनेशन साइबर फ्रॉड थी, जिसमें ठग ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराया।
कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कितना पैसा चोरी हुआ?
एक व्यक्ति से 14.20 लाख रुपये की ठगी की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले