क्या डूंगरपुर में 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है?

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क्या डूंगरपुर में 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है?

सारांश

डूंगरपुर में 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और जांच में चार आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है। क्या पुलिस अन्य आरोपियों को भी पकड़ पाएगी? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

डूंगरपुर में 160 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
चार आरोपियों की पहचान की गई है।
जांच में 450 से अधिक लोगों के फंसने का पता चला।
साइबर ठगी के मामलों में सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।

डूंगरपुर, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के डूंगरपुर में एक बड़े और संगठित साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि एक बैंककर्मी सहित कुल चार आरोपियों ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।

पुलिस ने साइबर ठगी के दो मामलों में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जब उससे गहन पूछताछ की, तो इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। पूछताछ में कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आईं, जिससे ठगी के पैमाने का अंदाजा लगाया जा सका।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के दो आरोपी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए विदेश फरार हो चुके हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी भी विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस को समय रहते इसकी भनक लग गई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर अहमदाबाद में एक शादी समारोह के दौरान खुद को बाराती बताकर आरोपी को दबोच लिया।

फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने बीते करीब दो वर्षों में डूंगरपुर के 450 से अधिक लोगों को अपने जाल में फंसाया। गरीब, बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को आसान कमाई, नौकरी या अन्य प्रलोभन देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए गए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। जांच के अनुसार, इन खातों के जरिए करीब 160 करोड़ रुपये की अवैध राशि का लेन-देन किया गया।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से हासिल की गई रकम को पहले म्यूल खातों में डाला जाता था और बाद में उसे अलग-अलग माध्यमों से आरोपियों के निजी खातों में ट्रांसफर किया जाता था।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस खुलासे के बाद जिले में साइबर ठगी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है और आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। विदेश भागने वाले दो आरोपियों को पकड़ने के लिए एजेंसियों से भी बात की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डूंगरपुर में साइबर ठगी का मुख्य कारण क्या है?
डूंगरपुर में साइबर ठगी का मुख्य कारण गरीब और बेरोजगार लोगों को आसान कमाई के प्रलोभन देना है।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है।
साइबर ठगी के मामले में पुलिस की क्या कार्रवाई है?
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
क्या लोग इस ठगी से बच सकते हैं?
जी हां, जागरूकता और सतर्कता से लोग इस ठगी से बच सकते हैं।
क्या पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कदम उठाए हैं?
हां, पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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