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पूर्वी दिल्ली पुलिस ने कुख्यात वाहन चोर विजय पाल को दबोचा, तीन चोरी के दोपहिया वाहन बरामद

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पूर्वी दिल्ली पुलिस ने कुख्यात वाहन चोर विजय पाल को दबोचा, तीन चोरी के दोपहिया वाहन बरामद

सारांश

पूर्वी दिल्ली एएटीएस ने 12 मई 2026 को राजबीर कॉलोनी में छह पुराने आपराधिक मामलों वाले वाहन चोर विजय पाल को दबोचा। उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी बरामद हुईं — पूर्वी जिले के तीन चोरी के मामले एक झटके में सुलझ गए।

मुख्य बातें

विजय पाल (24) , राजबीर कॉलोनी निवासी, को 12 मई 2026 को एएटीएस/पूर्वी जिले ने गिरफ्तार किया।
आरोपी पहले भी वाहन चोरी और झपटमारी के छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
बरामदगी में एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी शामिल — पूर्वी जिले के तीन वाहन चोरी के मामले सुलझे।
ऑपरेशन की अगुवाई इंस्पेक्टर पवन यादव ने की; निगरानी एएसपी पवन कुमार ने की।
आरोपी चोरी का माल स्थानीय खरीदारों को बेचकर शराब की लत पूरी करता था।
जाँच में अन्य सहयोगियों और अतिरिक्त चोरी की संपत्ति की तलाश जारी ।

दिल्ली पुलिस के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस), पूर्वी जिले ने 12 मई 2026 को एक कुख्यात आदतन वाहन चोर को गिरफ्तार कर तीन चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान विजय पाल (24 वर्ष), निवासी राजबीर कॉलोनी, दिल्ली, के रूप में हुई है, जो पहले भी वाहन चोरी और झपटमारी के छह आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। इस कार्रवाई से पूर्वी जिले में दर्ज तीन वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हो गया है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में एएटीएस टीम को 12 मई 2026 को राजबीर कॉलोनी इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही की खुफिया जानकारी मिली। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल पर सवार विजय पाल को रोका और तलाशी ली। जाँच में पकड़ी गई मोटरसाइकिल चोरी की निकली।

पूछताछ में आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों से दो स्कूटी भी बरामद की गईं। इस प्रकार बरामद वाहनों में कुल एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी शामिल हैं।

ऑपरेशन में शामिल टीम

एएटीएस/पूर्वी जिले की टीम ने लगातार निगरानी, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, स्थानीय खुफिया जानकारी और रणनीतिक फील्ड ऑपरेशन के जरिए यह सफलता हासिल की। टीम में एसआई विक्रम सिंह, एएसआई राजीव, एएसआई दीपक त्यागी, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल कृष्ण, हेड कांस्टेबल विक्रांत और हेड कांस्टेबल अश्विनी शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एएसपी पवन कुमार ने की।

आरोपी का तरीका और आपराधिक पृष्ठभूमि

आरोपी मुख्य रूप से रिहायशी कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना निगरानी वाले दोपहिया वाहनों को निशाना बनाता था। चोरी के वाहनों और मोबाइल फोनों को स्थानीय खरीदारों को बेचकर मिले पैसों से वह अपनी शराब की लत पूरी करता था। पुलिस के अनुसार उसकी गतिविधियाँ नशे की लत और आदतन आपराधिक प्रवृत्ति से प्रेरित थीं।

पुलिस अधिकारी की प्रतिक्रिया और नागरिकों से अपील

अतिरिक्त उपायुक्त (पूर्वी जिला) सृष्टि पांडे, आईपीएस ने कहा कि पुलिस लगातार सक्रिय अपराधियों पर नज़र रखे हुए है और जनता की संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को लॉक करके पार्क करें, सुरक्षा चेन का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन या 112 पर दें।

आगे की जाँच में आरोपी के अन्य सहयोगियों और चोरी की अतिरिक्त संपत्ति का पता लगाने का प्रयास जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को भी उजागर करती है — छह पुराने मामलों के बावजूद आरोपी खुलेआम सक्रिय रहा। दिल्ली में वाहन चोरी के आँकड़े हर साल हज़ारों में हैं और आदतन अपराधियों की पुनरावृत्ति दर चिंताजनक है। जब तक ज़मानत प्रक्रिया और निगरानी तंत्र में सुधार नहीं होता, ऐसी गिरफ्तारियाँ अस्थायी राहत से अधिक नहीं होंगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय पाल को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
विजय पाल को 12 मई 2026 को राजबीर कॉलोनी, दिल्ली में एएटीएस/पूर्वी जिले की टीम ने गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में टीम ने संदिग्ध आवाजाही की खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।
गिरफ्तारी में कितने और कौन से वाहन बरामद हुए?
कुल तीन वाहन बरामद हुए — एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी। ये वाहन पूर्वी जिले में दर्ज तीन अलग-अलग वाहन चोरी के मामलों से जुड़े हैं।
आरोपी विजय पाल की आपराधिक पृष्ठभूमि क्या है?
विजय पाल पहले भी वाहन चोरी और झपटमारी के छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार वह आदतन ऑटो-लिफ्टर और झपटमार के रूप में जाना जाता है।
एएटीएस ने यह ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया?
टीम ने लगातार निगरानी, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, स्थानीय खुफिया जानकारी और रणनीतिक फील्ड ऑपरेशन के जरिए आरोपी को पकड़ा। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एएसपी पवन कुमार ने की।
नागरिक वाहन चोरी से बचाव के लिए क्या करें?
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन हमेशा लॉक करके पार्क करें और सुरक्षा चेन का उपयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन या 112 पर दें।
राष्ट्र प्रेस
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