इंस्टाग्राम शेयर मार्केट स्कैम: गुजरात पुलिस ने महाराष्ट्र के दो आरोपी दबोचे, ₹40.48 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
सूरत साइबर क्राइम सेल ने 26 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के परभणी जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन पर इंस्टाग्राम के जरिए शेयर बाजार में निवेश का झाँसा देकर सूरत के एक व्यक्ति से ₹9,58,999 की ठगी करने का आरोप है। जाँच में सामने आया कि इन आरोपियों के बैंक खाते से अलग-अलग राज्यों में ₹40.48 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ी 13 शिकायतें दर्ज हैं।
कैसे रची गई ठगी की साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले इंस्टाग्राम पर शेयर बाजार में ऊँचे रिटर्न का वादा करने वाले विज्ञापन चलाए। जब पीड़ित ने संपर्क किया, तो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उसे एक नकली वेबसाइट का लिंक भेजकर रजिस्ट्रेशन और फर्जी डीमैट अकाउंट खोलने के लिए मनाया गया।
पीड़ित ने वेबसाइट पर दिए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹9,58,998.98 ट्रांसफर किए। फर्जी प्लेटफॉर्म पर लेनदेन में मुनाफा और रिटर्न दिखाया जाता रहा। जब पीड़ित ने राशि निकालने की कोशिश की, तो विड्रॉल प्रक्रिया काम नहीं की — और तब ठगी का पर्दाफाश हुआ।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उद्धव उर्फ रवि गोंधली (27 वर्ष, डेकोरेशन वर्कर) और गोपेंद्र उर्फ गोपू शिंदे (23 वर्ष, छात्र) के रूप में हुई है — दोनों महाराष्ट्र के परभणी जिले के निवासी हैं।
पुलिस का आरोप है कि उद्धव ने अपने नाम पर एक फर्म बनाई और उद्यम सर्टिफिकेट हासिल कर बैंक ऑफ इंडिया (BOI) में करंट अकाउंट खुलवाया। इसके बाद उसने यह अकाउंट ₹5,000 के कमीशन पर गोपेंद्र को सौंप दिया। कथित तौर पर गोपेंद्र ने आगे इसे फरार आरोपियों को 2% ट्रांजैक्शन कमीशन के बदले उपलब्ध कराया।
खाते से ₹1.47 करोड़ का लेनदेन
जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस करंट अकाउंट से 1 सितंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 के बीच कुल ₹1.47 करोड़ का लेनदेन हुआ। जब नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस खाते की जाँच की गई, तो देश के अलग-अलग राज्यों से 13 शिकायतें सामने आईं, जिनमें कुल ₹40.48 करोड़ की धोखाधड़ी का उल्लेख है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इंस्पेक्टर एमसी नायक और उनकी टीम ने तकनीकी जाँच के जरिए आरोपियों का पता लगाया। पुलिस ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जाँच आगे बढ़ रही है।
पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर ऊँचे रिटर्न का वादा करने वाले निवेश विज्ञापनों से सावधान रहें और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले प्लेटफॉर्म और व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों से अपील की गई है कि वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, ताकि संदिग्ध खातों में फंड फ्रीज किए जा सकें।