28 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सूरत साइबर क्राइम: ₹19.60 लाख की निवेश धोखाधड़ी में फरार आरोपी गिरफ्तार, खाते में ₹2.73 करोड़ का लेनदेन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सूरत साइबर क्राइम: ₹19.60 लाख की निवेश धोखाधड़ी में फरार आरोपी गिरफ्तार, खाते में ₹2.73 करोड़ का लेनदेन

सारांश

390% रिटर्न का झाँसा, एक फर्जी वेबसाइट और किराये का बैंक खाता — सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' में ₹19.60 लाख की ठगी के फरार आरोपी को दबोचा। संदिग्ध खाते में ₹2.73 करोड़ का लेनदेन मिला, तीन आरोपी अब तक गिरफ्तार।

मुख्य बातें

सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत ₹19.60 लाख की निवेश धोखाधड़ी में फरार आरोपी विवेक बेल्दिया (30) को गिरफ्तार किया।
कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए बैंक खाते में लगभग ₹2.73 करोड़ का लेनदेन पाया गया।
आरोपियों ने 'बीआरपी फंड 100-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' के नाम पर 390% रिटर्न का वादा किया था।
व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी वेबसाइट 'ऐप.तोलोययी.कॉम' के जरिए पीड़ित को फँसाया गया।
इस मामले में कुल तीन आरोपी गिरफ्तार — सत्यजीत मंजेरैया और पंकजकुमार रमानी पहले ही हिरासत में।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 और IT (संशोधन) अधिनियम, 2008 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज।

सूरत शहर साइबर क्राइम पुलिस ने 13 अगस्त 2026 को 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के अंतर्गत ₹19.60 लाख के निवेश धोखाधड़ी मामले में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि साइबर ठगी की रकम स्थानांतरित करने के लिए कथित तौर पर जिस बैंक खाते का उपयोग किया गया, उसमें लगभग ₹2.73 करोड़ का लेनदेन हुआ था।

धोखाधड़ी का तरीका

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता के बेटे को शेयर बाजार में निवेश का प्रलोभन देकर फँसाया। उन्होंने 'बीआरपी फंड 100-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' नामक योजना के तहत 390 प्रतिशत तक रिटर्न का वादा किया। संपर्क के लिए 'बीआरपी फंड-ग्रो टुगेदर-008' नामक व्हाट्सएप ग्रुप और वेबसाइट 'ऐप.तोलोययी.कॉम' का उपयोग किया गया।

पीड़ित को वेबसाइट पर लॉग इन कराया गया, जहाँ झूठे मुनाफे के आँकड़े दिखाए गए ताकि निवेश पर वास्तविक रिटर्न का भ्रम बना रहे। इसके बाद कथित तौर पर रकम अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई।

गिरफ्तार आरोपी

ताज़ा गिरफ्तारी में कपोदरा, सूरत निवासी 30 वर्षीय विवेक बेल्दिया शामिल हैं, जो पेशे से ड्राइवर हैं और मूल रूप से भावनगर जिले के तलजा तालुका के मखनिया गाँव के रहने वाले हैं। इससे पहले इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है — अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके के 28 वर्षीय सत्यजीत मंजेरैया (मूलतः अमरेली निवासी) और सूरत के वेसु इलाके के 39 वर्षीय व्यापारी पंकजकुमार रमानी (मूलतः राजकोट जिले के जसदन तालुका के डोडियाला गाँव के)।

बैंक खाते का दुरुपयोग

जाँच में खुलासा हुआ कि पंकजकुमार रमानी ने कमीशन के बदले सत्यजीत मंजेरैया का आईसीआईसीआई बैंक का चालू खाता हासिल किया और फिर वही खाता कमीशन लेकर विवेक बेल्दिया को सौंप दिया। इसके बाद यह खाता फरार आरोपियों को उपलब्ध कराया गया, जिन्होंने इसे साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया।

कानूनी कार्रवाई

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने सूरत साइबर क्राइम सेल में ₹19.60 लाख के नुकसान की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गुजरात में 'म्यूल अकाउंट' — यानी किराये पर या कमीशन पर लिए गए बैंक खाते — के जरिए साइबर ठगी की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या जाँच उन तक पहुँच पाएगी।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' क्या है?
यह सूरत साइबर क्राइम पुलिस का एक विशेष अभियान है जिसका उद्देश्य 'म्यूल बैंक खातों' — यानी कमीशन या किराये पर लिए गए खातों — के जरिए साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क को तोड़ना है। इसी अभियान के तहत ₹19.60 लाख की निवेश धोखाधड़ी में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
बीआरपी फंड स्कैम में पीड़ित को कैसे फँसाया गया?
आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी वेबसाइट के जरिए पीड़ित के बेटे को 'बीआरपी फंड 100-डे वेल्थ लीप प्रोग्राम' में 390% रिटर्न का वादा करके संपर्क किया। वेबसाइट पर झूठे मुनाफे के आँकड़े दिखाकर भरोसा जीता गया और फिर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली गई।
इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — सूरत के कपोदरा निवासी विवेक बेल्दिया (30), अहमदाबाद के सत्यजीत मंजेरैया (28), और सूरत के वेसु निवासी पंकजकुमार रमानी (39)। कई अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
म्यूल बैंक खाते का इस ठगी में क्या रोल था?
पंकजकुमार रमानी ने कमीशन के बदले सत्यजीत मंजेरैया का आईसीआईसीआई बैंक चालू खाता हासिल किया और विवेक बेल्दिया को सौंपा। इसके बाद यह खाता फरार आरोपियों को दिया गया, जिन्होंने इसमें साइबर ठगी की रकम — कथित तौर पर ₹2.73 करोड़ — का लेनदेन किया।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले