गुजरात पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' लॉन्च, ₹2,289 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर होगी सर्जिकल स्ट्राइक
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस ने 3 जून 2025 से पूरे राज्य में 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' लागू कर दिया है — एक राज्यव्यापी अभियान जिसका लक्ष्य उन म्यूल बैंक खातों को चिह्नित कर नष्ट करना है, जिनके ज़रिए साइबर ठग ऑनलाइन फ्रॉड की रकम को स्थानांतरित और छिपाते हैं। यह निर्णय सोमवार रात आयोजित राज्यस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने की।
बैठक में क्या तय हुआ
बैठक में पुलिस महानिदेशक समेत राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी शहरों के पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस प्रमुख वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में म्यूल खातों के विरुद्ध 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी केंद्रित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए, ताकि साइबर ठगी के वित्तीय नेटवर्क की रीढ़ तोड़ी जा सके और आम नागरिकों को सुरक्षित किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, यह नियमित समीक्षा बैठक थी जिसमें साइबर अपराध के विरुद्ध चल रही कार्रवाइयों की प्रगति का आकलन किया गया और आगामी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0 की उपलब्धियाँ
नया अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0' की सफलता के बाद शुरू किया गया है। पहला अभियान 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा संचालित किया गया था। उस एक महीने में पुलिस ने ₹2,289 करोड़ के संदिग्ध साइबर फ्रॉड लेन-देन उजागर किए, 565 एफआईआर दर्ज कीं और 638 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इसके अतिरिक्त, 913 म्यूल खातों के विरुद्ध कार्रवाई की गई और पाया गया कि इनका संबंध देशभर में दर्ज 4,000 से अधिक साइबर अपराध मामलों से था — यह आँकड़ा दर्शाता है कि ये खाते कितने व्यापक नेटवर्क की धुरी बने हुए थे।
म्यूल खाते क्यों हैं साइबर फ्रॉड की जड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, म्यूल खाते साइबर ठगी गिरोहों की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ठगी की रकम को कई खातों में तेज़ी से घुमाया जाता है, जिससे उसका मूल स्रोत छिप जाता है और जाँच एजेंसियों के लिए धन की वसूली कठिन हो जाती है। जाँच के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 के डेटा का उपयोग किया जा रहा है।
2.0 में अब तक की सफलताएँ
ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के अंतर्गत इस वर्ष पहले ही कई बड़े नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं। अलग-अलग अभियानों में गुजरात पुलिस ने ₹53.55 करोड़ और ₹288 करोड़ से अधिक के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, भावनगर और आनंद सहित कई शहरों से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में साइबर ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और संगठित गिरोह म्यूल खातों के बड़े नेटवर्क के ज़रिए अवैध धन को वैध बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 का मुख्य लक्ष्य ऐसे खातों और उनसे जुड़े नेटवर्क को चिह्नित करना, फ्रीज करना और पूरी तरह निष्क्रिय करना है। गौरतलब है कि यह अभियान गुजरात को साइबर अपराध के वित्तीय नेटवर्क के विरुद्ध देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।