3 जुलाई 2026
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ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0: गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी और भावनगर बैंक हैकिंग में 4 गिरफ्तार, ₹802 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर

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ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0: गुजरात पुलिस ने साइबर ठगी और भावनगर बैंक हैकिंग में 4 गिरफ्तार, ₹802 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर

सारांश

गुजरात सीआईडी क्राइम का 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' महज एक गिरफ्तारी नहीं — यह देशभर में फैले म्यूल बैंक खाता नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार है। एक महीने में 55 गिरफ्तारियाँ, 1,117 शिकायतें और ₹802 करोड़ की कथित ठगी — यह साइबर अपराध की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश है।

मुख्य बातें

गुजरात सीआईडी क्राइम ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत अहमदाबाद और सूरत से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एक महीने में इस ऑपरेशन के तहत कुल 55 आरोपी गिरफ्तार; देशभर में 1,117 साइबर ठगी शिकायतें और कथित ₹802 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर।
भावनगर जिला सहकारी बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाकर ₹7.34 करोड़ फर्जी तरीके से ट्रांसफर किए गए।
फर्जी फर्म ' चामुंडा कम्युनिकेशन ' के खाते 253 से अधिक साइबर मामलों और कथित ₹161 करोड़ की ठगी से जुड़े।
आरोपी अफजल मंसूरी के मोबाइल से 197 बैंक खाते मिले; 60 खाते 132 से अधिक साइबर मामलों और ₹53.55 करोड़ की ठगी से संबंधित।
सीआईडी क्राइम ने कहा — अभियान जारी रहेगा; अभी तक 10 आरोपी न्यायिक हिरासत में।

गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईडी क्राइम) ने 3 जुलाई 2026 को 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के अंतर्गत साइबर ठगी और भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग मामले में अहमदाबादसूरत से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जाँच में देशभर में फैले एक सुसंगठित साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें 1,117 साइबर ठगी शिकायतों और कथित तौर पर ₹802 करोड़ की धोखाधड़ी का संबंध सामने आया है।

ऑपरेशन का दायरा और अब तक की गिरफ्तारियाँ

सीआईडी क्राइम के अनुसार, पिछले एक महीने में 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत अब तक कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाँच से पता चला कि ये खाते देशभर में दर्ज 1,117 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में म्यूल बैंक खातों के ज़रिए साइबर ठगी की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

फर्जी फर्म से ₹161 करोड़ की ठगी — विशाल डोडिया गिरफ्तार

अहमदाबाद के वस्त्राल निवासी विशाल डोडिया को गिरफ्तार किया गया। जाँच में सामने आया कि उसने 'चामुंडा कम्युनिकेशन' नाम से फर्जी फर्म बनाकर अलग-अलग बैंकों में तीन खाते खुलवाए और इन खातों की जानकारी साइबर ठगी गिरोह को दी। पुलिस के अनुसार, इन खातों के ज़रिए विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर हासिल रकम जमा और ट्रांसफर की गई।

जाँच में पाया गया कि 'चामुंडा कम्युनिकेशन' के खाते देशभर में दर्ज 253 से अधिक साइबर अपराध मामलों से जुड़े हैं, जिनमें कथित तौर पर ₹161 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप है। इन मामलों में सर्वाधिक शिकायतें महाराष्ट्र (56), कर्नाटक (28), गुजरात (23), तेलंगाना व उत्तर प्रदेश (20-20 प्रत्येक) से दर्ज हुई हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 317(2), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है।

भावनगर बैंक हैकिंग: कोर बैंकिंग सिस्टम में सेंध, ₹7.34 करोड़ ट्रांसफर

भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग मामले में जाँच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपियों ने बैंक के सर्वर, डेटाबेस और कोर बैंकिंग सिस्टम में अवैध रूप से प्रवेश कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर की। इसके बाद फर्जी खाते बनाकर उनमें बैलेंस दर्शाया गया और ₹7.34 करोड़ विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।

मोबाइल फोन और बैंक रिकॉर्ड की पड़ताल के आधार पर सूरत से मोहम्मद खालिक गुलाम हुसैन (40) और शोएब गुलाबनबी राणा (38) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, खालिक संबंधित बैंक खाते का धारक था, जबकि शोएब उसका संचालन करता था।

₹53.55 करोड़ के म्यूल नेटवर्क में चौथी गिरफ्तारी

सीआईडी क्राइम ने म्यूल बैंक खातों से जुड़े एक अन्य मामले में अहमदाबाद निवासी अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी को भी गिरफ्तार किया। जब्त मोबाइल फोन की जाँच में 197 बैंक खातों का पता चला, जिनमें से 60 खाते देशभर में दर्ज 132 से अधिक साइबर अपराध मामलों से जुड़े पाए गए। इन मामलों में कथित तौर पर ₹53.55 करोड़ की साइबर ठगी सामने आई है। ये शिकायतें गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान सहित 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक 10 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। सीआईडी क्राइम ने स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत साइबर अपराधियों और फर्जी बैंक खातों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह ऑपरेशन देशभर में साइबर अपराध से निपटने की दिशा में राज्य पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाइयों में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि साइबर ठगी के मास्टरमाइंड अक्सर दूसरे राज्यों या देशों से ऑपरेट करते हैं। भावनगर बैंक हैकिंग में कोर बैंकिंग सिस्टम में सेंध चिंताजनक है — यह बैंकिंग साइबर सुरक्षा की कमज़ोरियों को उजागर करती है जिन पर नियामकीय ध्यान ज़रूरी है। जब तक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय नहीं बढ़ता, म्यूल नेटवर्क पर प्रहार एक अंतहीन खेल बना रहेगा।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 क्या है?
यह गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईडी क्राइम) का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी 'म्यूल' बैंक खातों और उनसे जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करना है। एक महीने में इस ऑपरेशन के तहत 55 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और 1,117 साइबर शिकायतों से जुड़े ₹802 करोड़ की कथित ठगी उजागर हुई है।
भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग में क्या हुआ?
आरोपियों ने बैंक के सर्वर, डेटाबेस और कोर बैंकिंग सिस्टम में अवैध रूप से प्रवेश कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर की। फर्जी खाते बनाकर उनमें बैलेंस दर्शाया गया और ₹7.34 करोड़ विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए, जिससे बैंक को सीधा आर्थिक नुकसान हुआ।
इस मामले में किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
अहमदाबाद के वस्त्राल निवासी विशाल डोडिया (फर्जी फर्म 'चामुंडा कम्युनिकेशन' का संचालक), सूरत से मोहम्मद खालिक गुलाम हुसैन (40) और शोएब गुलाबनबी राणा (38) — जो भावनगर बैंक हैकिंग से जुड़े हैं — तथा अहमदाबाद निवासी अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी को गिरफ्तार किया गया।
म्यूल बैंक खाता क्या होता है और यह साइबर ठगी में कैसे काम करता है?
म्यूल बैंक खाते वे फर्जी या किराए के खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर ठग पीड़ितों से ठगी गई रकम जमा करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। इससे असली अपराधी की पहचान छुपाना आसान हो जाता है। इस मामले में एक आरोपी के मोबाइल से अकेले 197 ऐसे खाते मिले।
इन साइबर ठगी मामलों में किन राज्यों के पीड़ित सबसे अधिक हैं?
चामुंडा कम्युनिकेशन से जुड़े 253 मामलों में सर्वाधिक शिकायतें महाराष्ट्र (56), कर्नाटक (28), गुजरात (23), तेलंगाना व उत्तर प्रदेश (20-20 प्रत्येक) से आई हैं। कुल मिलाकर इस ऑपरेशन से जुड़ी शिकायतें 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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