17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम-सेतु से ITI बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जयंत चौधरी ने कोलकाता में कहा — युवाओं की क्षमता असाधारण

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम-सेतु से ITI बनेंगे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जयंत चौधरी ने कोलकाता में कहा — युवाओं की क्षमता असाधारण

सारांश

कोलकाता में 'कौशल मंथन' सम्मेलन में जयंत चौधरी ने पीएम-सेतु को ITI के कायाकल्प का ऐतिहासिक अवसर बताया। केंद्र, राज्यों और उद्योगों के बीच समन्वय पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि योजना की सफलता युवाओं को मिलने वाले वास्तविक करियर और उद्यम अवसरों में दिखेगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने 17 अगस्त 2026 को कोलकाता में आयोजित 'कौशल मंथन' क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत देश के ITI को उत्कृष्टता, नवाचार और आकांक्षा के जीवंत केंद्रों में बदलने का लक्ष्य है।
राज्यों को निर्देश दिया गया कि पीएम-सेतु क्लस्टरों को औद्योगिक गलियारों, MSME केंद्रों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप तैयार करें।
स्पोक ITI को हब प्रयोगशालाओं, मास्टर ट्रेनरों, करियर सेवाओं और नियोक्ता नेटवर्क तक पहुँच दी जाएगी।
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कौशल विकास मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को कोलकाता में आयोजित 'कौशल मंथन' सम्मेलन में स्पष्ट किया कि पीएम-सेतु योजना देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उत्कृष्टता और नवाचार के जीवंत केंद्रों में रूपांतरित करने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में असाधारण महत्वाकांक्षा और अनुकूलन क्षमता है, और सरकार की जिम्मेदारी इस क्षमता को उद्योग-मान्य कौशल तथा वास्तविक रोज़गार अवसरों से जोड़ना है।

कौशल मंथन सम्मेलन: पृष्ठभूमि और उद्देश्य

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा कोलकाता में आयोजित इस क्षेत्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कौशल विकास मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना तथा उद्योग-संरेखित और परिणाम-केंद्रित कौशल विकास तंत्र को गति देना था। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा बेरोज़गारी और कौशल अंतराल को लेकर नीतिगत बहस तेज़ हो रही है।

पीएम-सेतु योजना: क्या है और क्या बदलेगा

प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना को एक व्यापक संस्थागत सुधार के रूप में लागू किया जाना है। चौधरी ने बताया कि इस योजना के तहत स्पोक ITI को हब प्रयोगशालाओं, मास्टर ट्रेनरों, करियर सेवाओं और नियोक्ता नेटवर्क तक भरोसेमंद पहुँच दी जाएगी। मंत्री ने राज्यों से आग्रह किया कि वे पीएम-सेतु क्लस्टरों को प्राथमिकता वाली आर्थिक मूल्य श्रृंखलाओं, औद्योगिक गलियारों, MSME केंद्रों, उभरती प्रौद्योगिकियों और आने वाले निवेशों के अनुरूप तैयार करें।

मंत्री के प्रमुख बयान

चौधरी ने सम्मेलन में कहा, "भारत के युवाओं में असाधारण महत्वाकांक्षा, अनुकूलन क्षमता और क्षमता है। हमारी जिम्मेदारी है कि इस क्षमता को भविष्य के लिए तैयार, उद्योगों द्वारा मूल्यवान कौशल और वास्तविक अवसरों से जोड़ा जाए।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नीतियों, बुनियादी ढाँचे और निवेश को प्रशिक्षार्थी-केंद्रित बनाना होगा।

मंत्री ने आगे कहा, "पीएम-सेतु की सफलता अंततः उन करियर, उद्यमों और सामाजिक-आर्थिक उन्नति में दिखाई देगी, जो हम युवाओं के लिए संभव बनाते हैं।" गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब ITI की गुणवत्ता और उद्योग-प्रासंगिकता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।

राज्यों के लिए दिशा-निर्देश

सम्मेलन में चौधरी ने राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे पीएम-सेतु के क्रियान्वयन में केंद्र, राज्यों, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच मज़बूत समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने ज़ोर दिया कि यह योजना केवल बुनियादी ढाँचे के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र संस्थागत पुनर्गठन है जिसमें पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण पद्धति और रोज़गार परिणाम — तीनों को एक साथ सुधारना होगा।

आगे की राह

कौशल मंथन सम्मेलन से निकले विचार-विमर्श के आधार पर राज्य अपनी कार्य योजनाएँ तैयार करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम-सेतु की वास्तविक कसौटी यह होगी कि ITI से निकले प्रशिक्षार्थियों को उद्योग में वास्तविक नियोजन मिलता है या नहीं। योजना के परिणाम आने वाले वर्षों में कौशल विकास की राष्ट्रीय नीति की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ITI सुधार की यह पहली कोशिश नहीं है — पिछले एक दशक में कई 'अपग्रेडेशन' योजनाएँ आईं, फिर भी ITI पासआउट की नियोजन दर उद्योग की अपेक्षाओं से पीछे रही। असली सवाल यह है कि क्या इस बार 'हब-स्पोक' मॉडल में उद्योग की भागीदारी अनुबंध-बद्ध और सत्यापन-योग्य होगी, या फिर यह भी कागज़ी समन्वय तक सिमट जाएगी। राज्यों को क्लस्टर बनाने का निर्देश सही दिशा में है, लेकिन बिना स्वतंत्र परिणाम-मापन ढाँचे के, 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का लेबल महज़ नामकरण बनकर रह सकता है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-सेतु योजना क्या है और यह ITI को कैसे बदलेगी?
पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) एक केंद्रीय योजना है जिसका लक्ष्य देश के ITI को उत्कृष्टता और नवाचार के केंद्रों में रूपांतरित करना है। इसके तहत हब-स्पोक मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें स्पोक ITI को हब प्रयोगशालाओं, मास्टर ट्रेनरों और नियोक्ता नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
कौशल मंथन सम्मेलन कहाँ और क्यों आयोजित किया गया?
कौशल मंथन सम्मेलन 17 अगस्त 2026 को कोलकाता में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच कौशल विकास नीतियों पर समन्वय सुदृढ़ करना और उद्योग-संरेखित प्रशिक्षण तंत्र को आगे बढ़ाना था।
जयंत चौधरी ने राज्यों को क्या निर्देश दिए?
जयंत चौधरी ने राज्यों से आग्रह किया कि वे पीएम-सेतु क्लस्टरों को प्राथमिकता वाली आर्थिक मूल्य श्रृंखलाओं, औद्योगिक गलियारों, MSME केंद्रों और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप तैयार करें। उन्होंने यह भी कहा कि नीतियों, बुनियादी ढाँचे और निवेश को प्रशिक्षार्थी-केंद्रित बनाना होगा।
पीएम-सेतु की सफलता किस बात से मापी जाएगी?
केंद्रीय मंत्री चौधरी के अनुसार, पीएम-सेतु की सफलता युवाओं को मिलने वाले वास्तविक करियर, उद्यम और सामाजिक-आर्थिक उन्नति के अवसरों से मापी जाएगी। योजना का ज़ोर केवल बुनियादी ढाँचे के उन्नयन पर नहीं, बल्कि नियोजन परिणामों पर है।
इस सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए?
कौशल मंथन सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कौशल विकास मंत्री तथा वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले