17 अगस्त 2026
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NH-48 अतिक्रमण अभियान: पालघर में 73,831 वर्ग मीटर में फैले 114 अवैध निर्माण चिन्हित

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NH-48 अतिक्रमण अभियान: पालघर में 73,831 वर्ग मीटर में फैले 114 अवैध निर्माण चिन्हित

सारांश

पालघर में NH-48 के किनारे 114 अवैध निर्माण और 73,831 वर्ग मीटर का अतिक्रमण चिन्हित — पालकमंत्री गणेश नाईक के निर्देश पर NHAI, वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू। वन क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।

मुख्य बातें

वन विभाग के सर्वेक्षण में एनएच-48 के आसपास 114 अवैध निर्माण चिन्हित, कुल निर्मित क्षेत्र 73,831 वर्ग मीटर ।
पालकमंत्री गणेश नाईक के निर्देश पर जिलाधिकारी डॉ.
इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान शुरू।
22 से 30 जुलाई 2026 के बीच एनएचएआई ने 80 अतिक्रमित संपत्तियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।
एनएचएआई, वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस मिलकर चरणबद्ध अभियान चलाएंगे।

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-48 के किनारे दशकों से जमे अवैध होटल, ढाबे, टायर-पंक्चर की दुकानें और चाय की टपरियों के खिलाफ पालघर जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान छेड़ दिया है। वन विभाग के सर्वेक्षण में राजमार्ग के आसपास कुल 114 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनका संयुक्त निर्मित क्षेत्र 73,831 वर्ग मीटर दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई वन मंत्री एवं पालकमंत्री गणेश नाईक के निर्देश पर शुरू की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

जिला नियोजन समिति की बैठक में पालकमंत्री गणेश नाईक ने एनएच-48 से लगे अतिक्रमणों का जायजा लिया और संबंधित विभागों को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के समन्वय से संयुक्त अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

22 से 30 जुलाई 2026 के बीच एनएचएआई की ओर से कुल 80 अतिक्रमित संपत्तियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन और वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीएमसी) के सहयोग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई।

अतिक्रमणों की प्रकृति और वर्गीकरण

चिन्हित 114 अतिक्रमणों में ढाबे और उपाहारगृह, दुकानें एवं व्यावसायिक निर्माण, वाहन पार्किंग स्थल, पंक्चर की दुकानें और चाय की टपरियां शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी अतिक्रमणों को संबंधित भूमि की कानूनी स्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया है।

गौरतलब है कि आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमणों को लेकर संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनएचएआई और वन विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं।

सरकार की प्राथमिकता

प्रशासन के अनुसार इस अभियान के तीन मुख्य उद्देश्य हैं — एनएच-48 पर सुरक्षित एवं सुचारु यातायात सुनिश्चित करना, सरकारी एवं वन भूमि की रक्षा करना, और भविष्य में होने वाले नए अतिक्रमणों पर पूरी तरह रोक लगाना। इसके लिए सड़क के डिवाइडर, राजमार्ग की सीमा और वन क्षेत्र में अवैध रूप से मलबा डालने वालों पर भी नियमित निगरानी रखी जाएगी।

आगे की योजना

आने वाले दिनों में एनएचएआई, वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के संयुक्त समन्वय से चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नए अतिक्रमणों को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। यह अभियान एनएच-48 को अतिक्रमण-मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या अभियान कुछ हफ्तों में थम जाएगा। 73,831 वर्ग मीटर के अतिक्रमण का मतलब है कि इनमें से कई निर्माण वर्षों से चले आ रहे हैं — यह प्रश्न भी उठता है कि इतने समय तक निगरानी तंत्र क्यों निष्क्रिय रहा। जब तक नियमित और स्वतंत्र निगरानी का ढाँचा नहीं बनता, ऐसे अभियान दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ने में सीमित रहेंगे।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NH-48 पालघर अतिक्रमण अभियान में कितने निर्माण चिन्हित किए गए हैं?
वन विभाग के सर्वेक्षण में एनएच-48 के आसपास कुल 114 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जिनका संयुक्त निर्मित क्षेत्र 73,831 वर्ग मीटर है। इनमें ढाबे, दुकानें, पंक्चर की दुकानें, वाहन पार्किंग और चाय की टपरियां शामिल हैं।
यह अभियान किसके निर्देश पर शुरू हुआ?
यह अभियान पालघर के वन मंत्री एवं पालकमंत्री गणेश नाईक के निर्देश पर शुरू हुआ। जिला नियोजन समिति की बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों को नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
NHAI ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
22 से 30 जुलाई 2026 के बीच एनएचएआई ने 80 अतिक्रमित संपत्तियों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। पुलिस प्रशासन और वसई-विरार शहर महानगरपालिका (वीवीएमसी) के सहयोग से कुछ अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
वन क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए गए हैं?
आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद अतिक्रमणकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनएचएआई और वन विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमानुसार अलग-अलग कार्रवाई कर रहे हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रशासन के अनुसार इस अभियान के तीन उद्देश्य हैं — एनएच-48 पर सुरक्षित और सुचारु यातायात सुनिश्चित करना, सरकारी एवं वन भूमि की रक्षा करना, और भविष्य में नए अतिक्रमणों पर पूरी तरह रोक लगाना। इसके लिए नियमित निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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